वन्यजीव प्राणियों की बहुतायतता अक्सर देखने को मिल रही है, यह भी खुशकिस्मती की बात है।। Raebareli news ।।

रजनीकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: क्षेत्र के अंतर्गत अब वन्यजीव प्राणियों की  बहुतायतता अक्सर देखने को मिल रही है। यह सुखद समाचार  क्षेत्रवासियों के लिए ना केवल बेहद प्रसन्नता देने वाला है,  बल्कि दुर्लभ भी है। जबकि लुप्तप्राय  हो रहे हिरण और बारहसिंघा प्रजाति  के वन्य जीव  काफी अच्छी तादाद में  क्षेत्र में देखे जा रहे हैं और यह भी खुशकिस्मती की बात है  कि, अभी तक  शिकारियों की कुद्रष्टि उनके ऊपर देखने को नहीं मिली है। 
     आपको बता दें कि, सबसे खास बात यह है कि,  महराजगंज ड्रेन जिसे नैय्या नाला के नाम से जाना जाता है के  किनारे चाहे वह  मदनिया का जंगल हो  या पारा कला के जंगल अथवा सधई के पुरवा के पास  वन विभाग के जंगलों में कुलांचे मारते हिरण और विचरण करते बारासिंघा  लोगों के आकर्षण के केंद्र बने हुए हैं। बुजुर्ग लोगों का कहना है कि, 50 साल बाद इन दुर्लभ जानवरों के  दर्शन  अब अक्सर हो जाया करते हैं।
      बृहस्पतिवार को महराजगंज से चंदापुर जाने वाली सड़क पर लगभग 1:00 बजे के करीब सड़क पर बारहसिंघा के विचरण से सड़क पर निकलने वाले लोग देखकर अवाक रह गए।
     विदित हो कि, आज लगभग 1:00 बजे महराजगंज से चंदापुर जाने वाली रोड नैय्या नाला से सटे जंगल से अचानक एक बारासिंघा निकल पड़ा और काफी देर तक रोड पर विचरण करता रहा, सबसे ताजुब  करने वाली बात रही कि, रोड पर से निकल रहे राहगीरों को देख कर भी बारहसिंघा पर कोई फर्क नहीं पड़ा और काफी देर तक रोड पर ही विचरण करता रहा। आसपास के लोगों ने बताया कि,  नैय्या नाला में पानी भरा  होने के कारण प्यास बुझाने के लिए भटक कर आ जाते हैं और इन दिनों अक्सर इन्हें देखा जा सकता है।

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