आज प्रासंगिक है मजदूर दिवस-ओ0पी0 यादव।। Raebareli news ।।

1 मई 1886 को शिकागो में पुलिस ने मजदूरांे पर चलाई थी गोलियां
1 मई 1923 से भारत में मनाया जा रहा है मजदूर दिवस
अप्रैल से जून 2020 तक समस्त बोर्डो के छात्र/छात्राओं की फीस माफ की जाये
मार्च से जून 2020 तक विद्युत बिल माफ किये जायें
किसानों के के.सी.सी. ऋण माफ किये जायें
रजनीकांत अवस्थी
रायबरेली: पूर्व डीजीसी (फौ.) एवं सेन्ट्रल बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष प्रान्तीय सपा नेता ओ0पी0 यादव ने कहा कि, आज मजदूर दिवस और अधिक प्रासंगिक है। श्री यादव ने कहा कि, 1 मई 1886 को जब अमेरिका के मजदूर अपनी मांगों को लेकर आन्दोलन कर रहे थे, तो शिकागो में पुलिस ने मजदूरों पर गोलियां चला दी, जिससे एक सैकड़ा से अधिक मजदूर मारे गये थे, व सैकड़ो मजदूर घायल हो गये थे। मजदूरों का झंडा लाल हो गया था।  
    1 मई 1889 को पेरिस में समाजवादी सम्मेलन में एक मई को मजदूर दिवस मनाने का निर्णय लिया, जिसमें 80 राष्ट्र शामिल हुए थें।  1 मई 1923 से भारत में मजदूर दिवस मनाया जाता है।  1989 से अन्तराष्ट्रीय स्तर पर मजदूर दिवस मनाया जाता है।
    उन्होंने कहा कि, आज पूरे विश्व में कोरोना के संक्रमण के कारण छोटे श्रमिकों से लेकर बड़े कल कारखाने, निर्माण कार्य बन्द हो गये हैं, जिससे मजदूरों के पास काम नहीं है।  भारत में विभिन्न क्षेत्रों में प्रवासी मजदूर फंसे हुए हैं, उनके खाने-रहने की व्यवस्था नहीं है।  अपने परिवार सहित सैकड़ों मील की यात्रा पैदल व सायकिल से कर रहे हैं।  अपने घरों में रह रहे मजदूरों के पास भी काम नहीं है, जिससे उनके सामने भुखमरी की स्थिति आ गयी है, जिसकी वजह से मजदूर दिवस आज और अधिक प्रासंगिक है।
     मजदूरों के पास अपने बच्चों की फीस भरने के लिए पैसे नहीं है।  किरायेदार मालिक को किराया नहीं दे पा रहे हैं। खाने-पीने के लाले हैं, बुजुर्ग माँ-बाप की दवा नहीं हो पा रही है।  छोटे-मोटे उद्योग भी बन्द है, बिजली का बिल अदा करने का सामथ्र्य नहीं बचा।  एैसी स्थिति में सरकार से मांग है कि, अप्रैल से जून 2020 तक छात्रोंकी फीस माफ की जाए, यह व्यवस्था सरकारी विद्यालयों के साथ-साथ प्राइवेट विद्यालयों में भी सख्ती से लागू की जाये। 
     ओपी यादव ने आगे कहा कि, मार्च से जून 2020 तक का देय विद्युत बिल माफ किया जाए, किसानों के केसीसी ऋण माफ किये जायें।

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