आल इंडिया दारू दल ने किया नागिन, भांगड़ा तथा ब्रेक डांस, 4 मई ड्रिंक दिवस घोषित करने की मांग

मत रोको मत शोर करो, पीना है तो साथ चलो की रही गूंज
मिर्जापुर । पूर्ण बहुमत मिलने से जिस तरह संबंधित राजनीतिक दल में जश्न मनाए जाते हैं, बैंड बाजे के शोर के बीच बहारों फूल बरसाओ का ब्रेक डांस होता है, कुछ उसी अंदाज में भारी जबरदस्त सफलता मिलने से आल इंडिया दारू दल में देशी नागिन नृत्य से लेकर लेकर इन अलबेलों का, मास्तानों का भाँगडा डांस भी हुआ तो युवा पीढ़ी रैप सांग  के बीच ब्रेक डांस करती रही ।
दारू दारू दारू और ड्रिंक ड्रिंक ड्रिंक लोग बोले- कोरोना लॉकडाउन-थ्री पर दारू-फ्री का जब अवसर मिला तब दारू की तुलना सोमरस से करने वाले स्वतः को देव-रूप में मान रहे थे । कुछ बाबा कालभैरव को प्रसन्न करने के लिए दारू का प्रसाद इसे मान रहे थे ।
ड्रिंक-डे- ड्रिंकरों ने 4 मई को माईबाप दिवस के रप में इस दिन को ड्रिंक डे या हिंदी में सोमरस दिवस घोषित करने पर अड़े भी थे तथा गड़े भी थे  
एक सुटका लगाए तो आसमां पर नजर आए- 40 दिनों तक दारू विरह में बीते दिनों की याद कर कितनों की आंखें ही दारुखाना सी लगी । लगा मन के अंदर कोई शराब का समंदर था, जो सुख रहा था, वह आंखों में ज्वार बनकर उमड़ पड़ा ।
हट जाओ मत बोर करो- दारूबाज जब घर से बाहर कदम निकाले तो प्रीपेड जियो मोबाइल की तरह अनलिमिटेड एक्टिव थे । पुलिस ने राह में बहुत पुचकार कर पूछा- मेरे देश के भविष्य गोल बनाकर दीवानों की शक्ल में किधर निकल पड़े तो सबका एक ही जवाब था- मत रोको, मत शोर करो, पीना है तो साथ चलो।  बहराल कलियुग के इस पंचामृत को ठुकराने का साहस जल्दी कोइ नहीं दिखा सका।
                    सलिल पांडेय, मिर्जापुर
©नाम में परिवर्तन कर गैर का लेखन बनाने पर कानूनी पचड़े से नहीं बचा सकेगा ।

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