"सुना है बड़ा राम का नाम" कमल बाजपेई

◆लोग जपें निशिदिन प्रभु तुमको,
धरि हिरदे में ध्यान,
राम नाम के मूल मंत्र से,
बनते बिगड़े काम,
सुना है बड़ा राम का नाम,
हे राम - हे राम ।
होता है कल्याण सभी का,
सुनने से ही नाम आपका,
इसी देश में प्रकटे तुम हो,
बदल - बदल के नाम,
सुना है बड़ा राम का नाम, 
हे राम - हे राम ।
◆दिखा गए पथ, सिखा गए तुम,
रोड़े खाँई मिटा गए तुम,
ऐ मूरख प्राणी तू फिर भी,
भटके क्यों अनजान,
सुना है बड़ा राम का नाम,
हे राम - हे राम ।
◆भेद भाव सब छोड़ अभी से,
सबसे मिल ले आज खुशी से,
यह काया मिट्टी की पगले,
पहने ज्यों परिधान,
सुना है बड़ा राम का नाम,
हे राम - हे राम ।
◆वर्ग एक का नहीं राम हैं,
जन मानस में बसा नाम है,
झगड़े की तो बात नहीं है,
घट - घट व्यापी राम,
सुना है बड़ा राम का नाम,
हे राम - हे राम ।
◆हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई,
भगवन, अल्लाह, गाड, कहाई,
वाहे गुरु सब एक रूप हैं,
भज ले जो मन आए नाम,
सुना है बड़ा राम का नाम, 
हे राम - हे राम ।
◆मानस काव्य एक है सम्बल,
ज्यों सर्दी का उत्तर कम्बल,
भक्त प्रवण माँ हुलसी - तुलसी,
के चरणों में प्रणाम,
सुना है बड़ा राम का नाम 
हे राम - हे राम ।
◆Written by ~ कमल बाजपेई

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