"प्रगति पथ पर ले चलूंगा" कमल बाजपेई

◆कुछ समय ठहरो बिता लो 
फिर उदय होंगे उजाले,
हौसलों में हो बुलंदी 
तेवरों में धार डालो,
काल भी वापस गया है 
सावित्री सा मन बना लो,
◆तुम हमारा साथ दे दो , चित्त में ना भ्रांति ठानो ।
प्रगति पथ पर ले चलूंगा ,कह रहा हूँ बात मानो।।
◆कठिन राहें पथ कटीले 
लक्ष्य दृढ़ हैं स्वर हठीले,
पर कहाँ रोके रुका है
समय का पहिया निरंतर,
जो कहा करना वही है
रंच भर भी नही अंतर,
◆तुम हमारा साथ दे दो , चित्त में ना भ्रांति ठानो ।
प्रगति पथ पर ले चलूंगा ,कह रहा हूँ बात मानो।।
◆हम सभी मिलकर रहेंगे 
देश हित की ही कहेंगे,
सर्व हारा को सहारा 
है न्यारा उद्देश्य हमारा,
विश्व गुरु हम तभी बनेंगे 
असली बात सभी यह जानो,
◆तुम हमारा साथ दे दो , चित्त में ना भ्रांति ठानो ।
प्रगति पथ पर ले चलूंगा ,कह रहा हूँ बात मानो।।
Written by - कमल बाजपेई

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