बद्व जयंती की पूर्व संध्या पर गोष्ठी---
मिर्जापुर । संकट, आपत्ति-विपत्ति की घड़ी मानवता की अग्नि-परीक्षा की घड़ी होती है । इसमें जो कूद पड़ता है और मानवता की सेवा करता है वह मानव नहीं महामानव है । वही इतिहास बनाता है ।
इन विचारों के साथ बुद्ध जयंती की पूर्व संध्या पर बुधवार को भगवान गौतम बुद्ध जी जयंती और निर्वाण दिवस को वर्तमान महासंकट काल कोरोना वायरस से पीड़ित लोगों की मदद एवं सुरक्षा की भवनाओं के साथ एक बूढ़ेनाथ मुहल्ले में ज्योतिषाचार्य पं जगदीश प्रसाद द्विवेदी के आवास पर हुई जिसमें विचारकों ने क्षणभंगुर संसार में ईश्वरीय सुख और आह्लाद के लिए सिर्फ और सिर्फ मानवता की सेवा करना ही कहा गया ।
सोशल डिस्टेंसिंग के प्राविधानों के साथ इस गोष्ठी में भागीदारी करने वालों में सलिल पांडेय, ज्ञान गौण, जलज नेत, अमित पांडेय, विमल पांडेय 'विमल गुरु' तथा राजन द्विवेदी उपस्थित थे ।
मदद में बढ़े हाथ देवता के हाथ होते हैं- गोष्ठी में पं जगदीश द्विवेदी ने कहा कि पीड़ित व्यक्ति को यथासमय मदद दिया जाना चाहिए लेकिन पीड़ित व्यक्ति की आड़ में यदि कोई सक्षम व्यक्ति मदद लेता है तो वह पीड़ित व्यक्ति के हक पर डकैती डालता है जिसका आध्यात्मिक दृष्टि से दोष पड़ता है ।
ज्येष्ठ माह के 5 शुक्रवार शुक्र करेंगे -ज्योतिषी पं जगदीश द्विवेदी ने कहा कि ज्येष्ठ महीने की शुरुआत 8 मई शुक्रवार से हो रही है जिसका समापन भी 5 मई शुक्रवार को होगा जो शुभदायक है। किसी महीने में कोई वार यदि पांच पड़ता है तो वह शुभ फलदायक होता है ।
बुद्ध 9वें अवतार- अंत में भगवान बुद्ध को विष्णु का नवां अवतार बताया गया तथा भगवान विष्णु की तरह सविधि पूजा-पाठ पर विस्तार से व्याख्यान हुआ ।
सलिल पांडेय, मिर्जापुर
मिर्जापुर । संकट, आपत्ति-विपत्ति की घड़ी मानवता की अग्नि-परीक्षा की घड़ी होती है । इसमें जो कूद पड़ता है और मानवता की सेवा करता है वह मानव नहीं महामानव है । वही इतिहास बनाता है ।
इन विचारों के साथ बुद्ध जयंती की पूर्व संध्या पर बुधवार को भगवान गौतम बुद्ध जी जयंती और निर्वाण दिवस को वर्तमान महासंकट काल कोरोना वायरस से पीड़ित लोगों की मदद एवं सुरक्षा की भवनाओं के साथ एक बूढ़ेनाथ मुहल्ले में ज्योतिषाचार्य पं जगदीश प्रसाद द्विवेदी के आवास पर हुई जिसमें विचारकों ने क्षणभंगुर संसार में ईश्वरीय सुख और आह्लाद के लिए सिर्फ और सिर्फ मानवता की सेवा करना ही कहा गया ।
सोशल डिस्टेंसिंग के प्राविधानों के साथ इस गोष्ठी में भागीदारी करने वालों में सलिल पांडेय, ज्ञान गौण, जलज नेत, अमित पांडेय, विमल पांडेय 'विमल गुरु' तथा राजन द्विवेदी उपस्थित थे ।
मदद में बढ़े हाथ देवता के हाथ होते हैं- गोष्ठी में पं जगदीश द्विवेदी ने कहा कि पीड़ित व्यक्ति को यथासमय मदद दिया जाना चाहिए लेकिन पीड़ित व्यक्ति की आड़ में यदि कोई सक्षम व्यक्ति मदद लेता है तो वह पीड़ित व्यक्ति के हक पर डकैती डालता है जिसका आध्यात्मिक दृष्टि से दोष पड़ता है ।
ज्येष्ठ माह के 5 शुक्रवार शुक्र करेंगे -ज्योतिषी पं जगदीश द्विवेदी ने कहा कि ज्येष्ठ महीने की शुरुआत 8 मई शुक्रवार से हो रही है जिसका समापन भी 5 मई शुक्रवार को होगा जो शुभदायक है। किसी महीने में कोई वार यदि पांच पड़ता है तो वह शुभ फलदायक होता है ।
बुद्ध 9वें अवतार- अंत में भगवान बुद्ध को विष्णु का नवां अवतार बताया गया तथा भगवान विष्णु की तरह सविधि पूजा-पाठ पर विस्तार से व्याख्यान हुआ ।
सलिल पांडेय, मिर्जापुर


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