सभी 167 परदेसियों को होम क्वॉरेंटाइन की दी गई सलाह
रजनीकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: 16 प्रवासी श्रमिक क्षेत्र के एनएसपीएस सलेथू डिग्री कॉलेज क्वॉरेंटाइन सेंटर पहुंचे। जहां चिकित्सा टीम ने सभी 16 श्रमिकों का चिकित्सीय परीक्षण किया। किसी में कोरोना वायरस जैसे कोई लक्षण नहीं मिले, सभी को चिकित्सीय परीक्षण के बाद कोरोना संक्रमण के कोई लक्षण ना मिलने पर होम क्वॉरेंटाइन रहने के निर्देश दिए गए हैं।
आपको बता दें कि, समाचार लिखे जाने तक 151 प्रवासी श्रमिक सीएचसी पहुंचकर अपनी अपनी जांच करा चुके थे, जिनमें भी प्रथम दृष्टया कोरोना वायरस के कोई लक्षण न मिलने पर सभी को होम क्वॉरेंटाइन रहने के लिए निर्देश दिए गए हैं।
वहीं आशा बहुओं को निर्देशित किया गया है कि, वह विभिन्न गांवों के सभी 151 श्रमिकों के घर पर स्व घोषणा पत्र भरते हुए पम्पलेट चिपकाए। इतनी भारी तादाद में प्रवासी श्रमिकों के आने से गांव-गांव में कोरोना वायरस के संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों का कहना है, जो लोग होम क्वॉरेंटाइन कराए गए हैं। वह दिन भर बाहर घूमते हैं या रिश्तेदारी चले जाते हैं जिससे प्रतिदिन संक्रमण का खतरा बढ़ता जा रहा है।
रजनीकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: 16 प्रवासी श्रमिक क्षेत्र के एनएसपीएस सलेथू डिग्री कॉलेज क्वॉरेंटाइन सेंटर पहुंचे। जहां चिकित्सा टीम ने सभी 16 श्रमिकों का चिकित्सीय परीक्षण किया। किसी में कोरोना वायरस जैसे कोई लक्षण नहीं मिले, सभी को चिकित्सीय परीक्षण के बाद कोरोना संक्रमण के कोई लक्षण ना मिलने पर होम क्वॉरेंटाइन रहने के निर्देश दिए गए हैं।
आपको बता दें कि, समाचार लिखे जाने तक 151 प्रवासी श्रमिक सीएचसी पहुंचकर अपनी अपनी जांच करा चुके थे, जिनमें भी प्रथम दृष्टया कोरोना वायरस के कोई लक्षण न मिलने पर सभी को होम क्वॉरेंटाइन रहने के लिए निर्देश दिए गए हैं।
वहीं आशा बहुओं को निर्देशित किया गया है कि, वह विभिन्न गांवों के सभी 151 श्रमिकों के घर पर स्व घोषणा पत्र भरते हुए पम्पलेट चिपकाए। इतनी भारी तादाद में प्रवासी श्रमिकों के आने से गांव-गांव में कोरोना वायरस के संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों का कहना है, जो लोग होम क्वॉरेंटाइन कराए गए हैं। वह दिन भर बाहर घूमते हैं या रिश्तेदारी चले जाते हैं जिससे प्रतिदिन संक्रमण का खतरा बढ़ता जा रहा है।

0 टिप्पणियाँ