रजनीकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: इसे कहते हैं सूत ना कपास जुलाहों में लठ्ठम लठ्ठा! जी हां यह उक्ति चरितार्थ होती है मऊ बाजार के पोस्टर कांड पर जिसमें शरारती तत्वों द्वारा भारी बहुमत से महराजगंज प्रथम क्षेत्र से जिला पंचायत सदस्य का पिछला चुनाव तत्कालीन जिला पंचायत अध्यक्षा श्रीमती सुमन सिंह को हराकर जीते प्रभात साहू के क्षेत्र से गायब होने के पोस्टर लगवाए गए थे। मामले की जांच अभी भी चल रही है। लेकिन क्षेत्र में पोस्टर कांड को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं गर्म है।
आपको बता दें कि, क्षेत्र के लोगों का मानना है कि, इस कांड के पीछे मुख्य रूप से उन लोगों का हाथ है, जोकि क्षेत्र से जिला पंचायत सदस्य चुनाव लड़ने की मंशा दिल में पाले बैठे हैं। लोगों का यह भी मानना है कि, भाड़े के टट्टुओं के द्वारा रात के अंधेरे में इस प्रकार के पोस्टर को लगवाने के पीछे प्रभात साहू की लोकप्रिय छवि को खराब करने का काम किया गया है। उनको मालूम है कि, प्रभात साहू साफ सुथरी छवि के जनप्रिय और भारी जनाधार वाले व्यक्ति हैं। यदि उनकी छवि को खराब न किया गया तो यहां से चुनाव नहीं जीता जा सकता है।
लेकिन सोचने वाली बात यह है कि, क्या वास्तव में महराजगंज प्रथम क्षेत्र का स्वरूप यही रहेगा! क्योंकि अभी तक तो यह भी तय नहीं है कि, जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव सीधे जनता से होगा या पुराने ढर्रे पर, क्योंकि इस बात की भी चर्चा है कि, प्रदेश सरकार ने ब्लॉक प्रमुखों और जिला पंचायत अध्यक्षों के चुनाव सीधे जनता से कराए जाने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेज रखा है। दूसरी ओर यह बात भी ध्यान देने योग्य है कि, चुनाव से पहले इस बात को मान लिया जाए की जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव जिला पंचायत सदस्यों के द्वारा होगा तो सबसे पहले जिला पंचायत सदस्यों के क्षेत्र का परिसीमन होगा।
कौन से गांव काटे जाएंगे और कौन से गांव जोड़े जाएंगे, इसके बाद ही फिर चक्रानुसार आरक्षण की व्यवस्था भी की जाएगी। पिछली बार सामान्य रही, यह सीट वास्तव में अनारक्षित रहेगी या किसी पिछड़े, महिला, अनुसूचित जाति आदि के लिए आरक्षित हो जाएगी। ऐसे में अभी से चुनाव लड़ने की मंशा पालना दिन में तारे देखने के समान है। वैसे तो पोस्टर कांड को लेकर पोस्टर लगवाने वालों की आम जनता में घोर निंदा हो रही है, तो वहीं समाज के प्रबुद्ध जनों ने कड़े शब्दों में इस कुकृत्य की भर्त्सना की है, साथ ही पुलिस प्रशासन से पोस्टर कांड में लिप्त रहे लोगों के विरुद्ध कड़ी वैधानिक कार्यवाही करने की मांग भी कर रखी है।
लोग चाहते हैं कि, ऐसे घिनौने काम करने वालों के नाम सार्वजनिक तौर पर सामने आए, ताकि इस क्षेत्र की महान जनता ऐसे गंदी सोच वाले लोग को पहचानकर उनसे हमेशा सतर्क रहें। वैसे दूसरी और ऐसे लोग पिछले कुछ दिनों से लगातार कोतवाली के चक्कर काटकर पुलिस की जांच के बारे में जानकारी करने को व्यग्र रहते हैं। ऐसे तत्वों पर भी लोगों की नजर है। ऐसे तत्वों पर भी प्रश्न चिन्ह जनता ही लगा रही है।
अब देखना यह है कि, पुलिस इस मामले से जुड़े लोगों को कब और कैसे बेनकाब करती है भी, या मऊ का पोस्टर कांड बीते दिनों क्षेत्र में घटी अन्य चोरी, लूट व घटनाओं की तरह अनसुलझी पहेली ही बनकर रह जाएगा।
महराजगंज/रायबरेली: इसे कहते हैं सूत ना कपास जुलाहों में लठ्ठम लठ्ठा! जी हां यह उक्ति चरितार्थ होती है मऊ बाजार के पोस्टर कांड पर जिसमें शरारती तत्वों द्वारा भारी बहुमत से महराजगंज प्रथम क्षेत्र से जिला पंचायत सदस्य का पिछला चुनाव तत्कालीन जिला पंचायत अध्यक्षा श्रीमती सुमन सिंह को हराकर जीते प्रभात साहू के क्षेत्र से गायब होने के पोस्टर लगवाए गए थे। मामले की जांच अभी भी चल रही है। लेकिन क्षेत्र में पोस्टर कांड को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं गर्म है।
आपको बता दें कि, क्षेत्र के लोगों का मानना है कि, इस कांड के पीछे मुख्य रूप से उन लोगों का हाथ है, जोकि क्षेत्र से जिला पंचायत सदस्य चुनाव लड़ने की मंशा दिल में पाले बैठे हैं। लोगों का यह भी मानना है कि, भाड़े के टट्टुओं के द्वारा रात के अंधेरे में इस प्रकार के पोस्टर को लगवाने के पीछे प्रभात साहू की लोकप्रिय छवि को खराब करने का काम किया गया है। उनको मालूम है कि, प्रभात साहू साफ सुथरी छवि के जनप्रिय और भारी जनाधार वाले व्यक्ति हैं। यदि उनकी छवि को खराब न किया गया तो यहां से चुनाव नहीं जीता जा सकता है।
लेकिन सोचने वाली बात यह है कि, क्या वास्तव में महराजगंज प्रथम क्षेत्र का स्वरूप यही रहेगा! क्योंकि अभी तक तो यह भी तय नहीं है कि, जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव सीधे जनता से होगा या पुराने ढर्रे पर, क्योंकि इस बात की भी चर्चा है कि, प्रदेश सरकार ने ब्लॉक प्रमुखों और जिला पंचायत अध्यक्षों के चुनाव सीधे जनता से कराए जाने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेज रखा है। दूसरी ओर यह बात भी ध्यान देने योग्य है कि, चुनाव से पहले इस बात को मान लिया जाए की जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव जिला पंचायत सदस्यों के द्वारा होगा तो सबसे पहले जिला पंचायत सदस्यों के क्षेत्र का परिसीमन होगा।
कौन से गांव काटे जाएंगे और कौन से गांव जोड़े जाएंगे, इसके बाद ही फिर चक्रानुसार आरक्षण की व्यवस्था भी की जाएगी। पिछली बार सामान्य रही, यह सीट वास्तव में अनारक्षित रहेगी या किसी पिछड़े, महिला, अनुसूचित जाति आदि के लिए आरक्षित हो जाएगी। ऐसे में अभी से चुनाव लड़ने की मंशा पालना दिन में तारे देखने के समान है। वैसे तो पोस्टर कांड को लेकर पोस्टर लगवाने वालों की आम जनता में घोर निंदा हो रही है, तो वहीं समाज के प्रबुद्ध जनों ने कड़े शब्दों में इस कुकृत्य की भर्त्सना की है, साथ ही पुलिस प्रशासन से पोस्टर कांड में लिप्त रहे लोगों के विरुद्ध कड़ी वैधानिक कार्यवाही करने की मांग भी कर रखी है।
लोग चाहते हैं कि, ऐसे घिनौने काम करने वालों के नाम सार्वजनिक तौर पर सामने आए, ताकि इस क्षेत्र की महान जनता ऐसे गंदी सोच वाले लोग को पहचानकर उनसे हमेशा सतर्क रहें। वैसे दूसरी और ऐसे लोग पिछले कुछ दिनों से लगातार कोतवाली के चक्कर काटकर पुलिस की जांच के बारे में जानकारी करने को व्यग्र रहते हैं। ऐसे तत्वों पर भी लोगों की नजर है। ऐसे तत्वों पर भी प्रश्न चिन्ह जनता ही लगा रही है।
अब देखना यह है कि, पुलिस इस मामले से जुड़े लोगों को कब और कैसे बेनकाब करती है भी, या मऊ का पोस्टर कांड बीते दिनों क्षेत्र में घटी अन्य चोरी, लूट व घटनाओं की तरह अनसुलझी पहेली ही बनकर रह जाएगा।

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