खाने के लाले कहाँ से खरीदें मास्क
गरीब जनता के मध्य प्रशासन ने नहीं किया मास्क वितरण
गमछा बाँधने के बावजूद पुलिस कर रही जुर्माना
रजनीकांता अवस्थी
रायबरेली: सेन्ट्रल बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष पूर्व डीजीसी (फौ0) एवं प्रान्तीय सपा नेता ओ0 पी0 यादव ने कहा है कि, जिले में मास्क के नाम पर पुलसिया कहर जारी है। रूमाल अथवा गमछा से नाक, मूँह बन्द रखने के बाद भी पुलिस जबरदस्ती जुर्माना वसूल कर रही है। जबकि प्रधानमन्त्री ने स्वयं कहा है कि, जिन लोगों की आर्थिक स्थिति मास्क खरीदने की नहीं है, वे लोग रूमाल अथवा गमछे से नाक, मूँह ढक कर घर से निकले और सामाजिक दूरी का पालन करें।
आपको बता दें कि, लाकडाउन के कारण लोगों की आर्थिक स्थित चरमरा गयी है। खाने के लाले पड़े है, मास्क खरीदने की उनकी हैसियत नहीं है, विकल्प पुलिस को स्वीकार नहीं है, वे चेहरे पर मास्क देखना चाहते हैं, मास्क के न रहने की दशा में पुलिस जुर्माने के अलावा माँ-बहन की भद्दी-भद्दी गालियाँ देकर बेइज्जत भी करती है, और यह उत्पीड़न का कार्य पुलिस उस समय अवश्य करती हैं, जब व्यक्ति विशेष अपने परिवार के साथ होता है।
ओ0पी0 यादव ने आगे बताया कि, यही नहीं पुलिस प्रशसन सम्बन्धित के साथ मारपीट करने से भी बाज नहीं आते। जिला प्रशासन की ओर से गरीब व्यक्तियों के मध्य मास्क न तो बाँटे गये और न ही बाँटे जा रहे हैं। जिले की कुछ स्वयंसेवी संस्थाओं एवं संगठनों द्वारा जो मास्क का वितरण किया गया, वह उन्हीं व्यक्तियों के मध्य किया गया, जो मास्क खरीदने की क्षमता रखते हैं। पुलिस, व्यापारी, कर्मचारी, अधिवक्ता, नगर पालिका सफाईकर्मी आदि के अलावा अन्य किसी गरीब व्यक्ति को मास्क नहीं बांटे गये हैं। मास्क के नाम पर व्यापारियों एवं ग्राहकों का जबरदस्त उत्पीड़न किया जा रहा है।
श्री यादव ने जिला प्रशासन से मांग की है कि, राहत कोष से पात्र गरीब व्यक्तियों को मास्क उपलब्ध करायें। मास्क के नाम पर पुलसिया उत्पीड़न रोका जाये। गमछे से मुँह, नाक ढकने वाले व्यक्तियों का चालान न किया जाये।
गरीब जनता के मध्य प्रशासन ने नहीं किया मास्क वितरण
गमछा बाँधने के बावजूद पुलिस कर रही जुर्माना
रजनीकांता अवस्थी
रायबरेली: सेन्ट्रल बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष पूर्व डीजीसी (फौ0) एवं प्रान्तीय सपा नेता ओ0 पी0 यादव ने कहा है कि, जिले में मास्क के नाम पर पुलसिया कहर जारी है। रूमाल अथवा गमछा से नाक, मूँह बन्द रखने के बाद भी पुलिस जबरदस्ती जुर्माना वसूल कर रही है। जबकि प्रधानमन्त्री ने स्वयं कहा है कि, जिन लोगों की आर्थिक स्थिति मास्क खरीदने की नहीं है, वे लोग रूमाल अथवा गमछे से नाक, मूँह ढक कर घर से निकले और सामाजिक दूरी का पालन करें।
आपको बता दें कि, लाकडाउन के कारण लोगों की आर्थिक स्थित चरमरा गयी है। खाने के लाले पड़े है, मास्क खरीदने की उनकी हैसियत नहीं है, विकल्प पुलिस को स्वीकार नहीं है, वे चेहरे पर मास्क देखना चाहते हैं, मास्क के न रहने की दशा में पुलिस जुर्माने के अलावा माँ-बहन की भद्दी-भद्दी गालियाँ देकर बेइज्जत भी करती है, और यह उत्पीड़न का कार्य पुलिस उस समय अवश्य करती हैं, जब व्यक्ति विशेष अपने परिवार के साथ होता है।
ओ0पी0 यादव ने आगे बताया कि, यही नहीं पुलिस प्रशसन सम्बन्धित के साथ मारपीट करने से भी बाज नहीं आते। जिला प्रशासन की ओर से गरीब व्यक्तियों के मध्य मास्क न तो बाँटे गये और न ही बाँटे जा रहे हैं। जिले की कुछ स्वयंसेवी संस्थाओं एवं संगठनों द्वारा जो मास्क का वितरण किया गया, वह उन्हीं व्यक्तियों के मध्य किया गया, जो मास्क खरीदने की क्षमता रखते हैं। पुलिस, व्यापारी, कर्मचारी, अधिवक्ता, नगर पालिका सफाईकर्मी आदि के अलावा अन्य किसी गरीब व्यक्ति को मास्क नहीं बांटे गये हैं। मास्क के नाम पर व्यापारियों एवं ग्राहकों का जबरदस्त उत्पीड़न किया जा रहा है।
श्री यादव ने जिला प्रशासन से मांग की है कि, राहत कोष से पात्र गरीब व्यक्तियों को मास्क उपलब्ध करायें। मास्क के नाम पर पुलसिया उत्पीड़न रोका जाये। गमछे से मुँह, नाक ढकने वाले व्यक्तियों का चालान न किया जाये।

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