बन्द चीनी मिल को जल्द नहीं चलवाया गया तो होगा आन्दोलन-रामचन्द्र सिंह।। kushinagar news ।।

ब्यूरो रिपोर्ट
कुशीनगर: जनपद के भाकियू जिलाध्यक्ष रामचन्द्र सिंह ने लक्ष्मीगंज बन्द चीनी मिल को चलवाने या यहाँ पर नया चीनी मिल लगवाने के लिये लगातार जनता द्वारा आन्दोलन और धरना प्रदर्शन कर माँग की गयी। लेकिन प्रदेश की किसान विरोधी सरकार ने किसानों की नही बल्कि अपने वोट बैंक को लेकर इस क्षेत्र के किसानों के साथ धोखा और विश्वासघात किया है। एक तरफ केंद्र में बैठी मोदी सरकार द्वारा 2014 में कुशीनगर जिले के बन्द चीनी मीलों को चलवाने की चुनावी घोषणा कर किसानों को छला, वहीं योगी सरकार ने इस जनपद की विकास योजनाओं पर मानों प्रतिबन्ध ही लगा दिया। प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही बन्द चीनी मीलों की सूची में दूर दूर तक कहीं भी कुशीनगर जनपद का नाम नही लिया गया, जो यह दर्शाता है कि, योगी आदित्यनाथ के द्वारा कुशीनगर की जनता के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। केवल इसलिय कि, कुशीनगर में अब कोई नेता किसानों की लडाई लड़ने को तैयार नही है। मगर योगी आदित्यनाथ शायद यह भूल कर रहे है कि, जब जब देश के अन्नदाता के ऊपर आफत आई है तबतब कोई न कोई किसान मसीहा बनकर किसानों की मदद करने के लिये भगवान भेज ही देते है।
     आपको बता दें कि, सूबे के मुख्यमन्त्री योगी आदित्यनाथ के द्वारा बन्द पड़ी पिपराईच चीनी मिल की जगह नई चीनी मिल लगाया गया, क्योंकि वह उनका अपना संसदीय क्षेत्र है। जहां पर गन्ने का क्षेत्रफल और पैदावार मात्र शून्य के बराबर है। पेराई सत्र 2020-21 में पिपराईच चीनी मिल के लिये कुशीनगर जनपद की बन्द चीनी मिल के क्षेत्रों से 4424.558 हेक्टेयर गन्ना आबंटित किया गया है। जबकि केवल बन्द पड़ी लक्ष्मीगंज चीनी मिल क्षेत्र में गन्ने का क्षेत्रफल 6779.496 हेक्टेयर है, जो जनपद की कप्तानगंज, रामकोला, हाटा और गोरखपुर की पिपराईच चीनी मिल को आबंटित किया गया है, जिसका आकड़ा पिपराईच चीनी मिल क्षेत्र से लक्ष्मीगंज क्षेत्र के गन्ने के क्षेत्रफल का रकवा 2354.938 हेक्टेयर अधिक है।
       यदि गन्ने के क्षेत्रफल और गन्ने के पैदावार से नयी चीनी मिलें लगवाई जाती है, तो पिपराईच चीनी मिल लगवाने से पहले योगी आदित्यनाथ को लक्ष्मीगंज बन्द चीनी को चलवाने या यहाँ पर नया चीनी लगवाने के लिये पहल करना चाहिय था। इन्ही मुद्दों को लेकर भारतीय किसान यूनियन (अम्बावता) की जिला इकाई, कुशीनगर के जिलाध्यक्ष रामचन्द्र सिंह द्वारा सूबे के राज्यपाल महामहिम आनन्दीबेन पटेल से सम्बन्धित एक ज्ञापन अरविन्द कुमार, उपजिलाधिकारी कप्तानगंज को सौपते हुए माँग किये है कि, पिपराईच क्षेत्र के गन्ने की तुलना में लक्ष्मीगंज क्षेत्र के गन्ने का रकवा 2354.938 हेक्टेयर अधिक है। इसको ध्यान में रखते हुए और किसानों तथा यूनियन की माँग को देखते हुए लक्ष्मीगंज बन्द चीनी मिल को चलवाने या यहाँ पर नया चीनी मिल लगवाने के लिये तत्काल उत्तर प्रदेश सरकार से घोषणा करने की सहमती के लिये प्रयास करे, साथ ही साथ जनपद कुशीनगर के किसानों के साथ सौतेला ब्यवहार करने से पहले योगी आदित्यनाथ को स्मरण कराया जाय कि, इसी भाजपा की सरकार ने अपनी मनमानी से किसानों को 1992 के आन्दोलन के लिये मजबूर किया था।
      कहीं ऐसा न हो कि, लक्ष्मीगंज बन्द चीनी मिल को चलवाने या यहाँ पर नया चीनी मिल लगवाने के लिये 1992 जैसे किसान आन्दोलन की पुनरावृत्ति की सम्भावना उत्पन्न न हो। यदि ऐसा होता है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी।
      इस मौके पर यूनियन के तहसील अध्यक्ष रामप्यारे शर्मा, जवाहर प्रसाद, रामाधार प्रसाद के साथ साथ अन्य किसान मौजूद रहेँ।

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