तोमर कान्स्ट्रक्शन कंपनी के इशारे पर हुआ संजय पासी पर जानलेवा हमला।। Raebareli news ।।


सर्वोच्च न्यायालय का आदेश नहीं मान रहे सीओ सिटी-गंगा प्रसाद पासी

धारा-307/354 आईपीसी व 3(2)5 में नामजद अभियुक्त की नहीं हो रही गिरिफ्तारी
कम्पनी व नामजद अभियुक्त के साथी मुकदमा वापस करने का बना रहे दबाव
रजनीकांत अवस्थी
रायबरेली: महाराजा माहे पासी स्मारक जन कल्याण संस्थान के अध्यक्ष गंगा प्रसाद पासी ने राष्ट्रीय पासी सेना के अध्यक्ष संजय पासी के ऊपर हुए जानलेवा हमले के नामजद अभियुक्त की गिरिफ्तारी न किये जाने पर आक्रोश व्यक्त किया है।
    आपको बता दें कि,  घटना 16 जून 2020 की है। काफी हीला-हवाली के बाद 25 जून 2020 को प्रथम सूचना रिपोर्ट अ0सं0-228/2020 अन्तर्गत धारा-307/504 आईपीसी व 3(2)5 एस.सी.एस.टी. एक्ट में पंजीकृत की गयी। सर्वोच्च न्यायलय का स्पष्ट आदेश है कि, एस.सी.एस.टी. मामले में पहले गिरिफ्तारी की जाय, फिर विवेचना की जाये, लेकिन मामले के विवेचक सी.ओ. सिटी सर्वोच्च न्यायालय के आदेश को नहीं मान रहे हैं। जानलेवा हमलावर को गिरिफ्तार न कर उसे संरक्षण प्रदान कर रहे हैं। तोमर कान्स्ट्रक्शन कम्पनी के कर्मचारी व नामजद अभियुक्त के सहयोगी संजय पासी को फोन करके मुकदमा वापस लेने की धमकी दे रहे हैं।  
     तोमर कान्स्ट्रक्शन कम्पनी गुन्डों एवं माफियाओं के बल पर चल रही है। मजदूरी माँगने पर जान से मरवाने का प्रयास करती है। गंगा प्रसाद पासी ने जिला प्रशासन से मांग की है कि, संजय पासी के हमलावर को अविलम्ब गिरिफ्तारी की जाये, यदि एक सप्ताह के अन्दर हमलावर की गिरिफ्तारी न की गयी, तो पासी समाज आन्दोलन करेगा, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ