मूसलाधार बारिश से सड़कें बनी दरिया, गड्ढे में गिरकर रिक्शा चालक की मौत, ट्रैक्टर पर सवार होकर निरीक्षण करने निकलीं मेयर

गुरुवार तड़के तीन बजे से सुबह साढ़े सात बजे तक 115 मिमी हुई बारिश

मेयर ने नगर निगम के सभी कर्मियों व अधिकारियों को तलब किया

ब्यूरो रिपोर्ट

कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में गुरुवार को करीब चार घंटे की मूसलाधार बारिश से पूरा शहर जलमग्न हो गया। कई जगहों पर घर के बाहर खड़ी चार पहिया गाड़ी पानी में तैरती नजर आ रही थी। वहीं, जूही क्षेत्र में एक अधेड़ रिक्शाचालक की गड्ढे में डूबकर मौत हो गई। यहां अभी भी रुक-रुककर बारिश हो रही है। चंद्रशेखर आजाद कृषि विश्वविद्यालय के अनुसार अब तक जिले में 115 मिमी. बारिश रिकॉर्ड हुई है। घरों व प्रतिष्ठानों में जलभराव से लोगों में आक्रोश देखने को मिला। वहीं, अपने कर्मियों से खफा मेयर प्रमिला पांडेय को ट्रैक्टर पर सवार होकर निरीक्षण पर निकलना पड़ा।उन्होंने निगम के सभी कर्मियों व अधिकारियों को तलब किया है।

यह तस्वीर कानपुर की है। यहां गुरुवार को मूसलाधार बारिश से सड़कों पर पानी लबालब भर गया।

जलभराव में तैरती नजर आईं कारें।

जलभराव ने निगल ली जिंदगी

गुरुवार सुबह बारिश के बीच थाना रायपुरवा के अंतर्गत जूही पुल के पास खलवा पुल पर पानी भरने के वजह से रिक्शा पलट गया। इससे अज्ञात अधेड़ रिक्शा चालक की पानी में डूबने से मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि, चालक सड़क के किनारे से होकर रिक्शा काे निकालने का प्रयास कर रहा था। इसी दौरान रिक्शा पलट गया और वह गड्ढे में चला गया। राहगीरों ने जब उसको बाहर निकाला तो उसकी मौत हो चुकी थी। थाना प्रभारी ने बताया कि, अभी मृतक की पहचान नहीं हो पाई है। उसकी उम्र लगभग 40 से 45 साल होगी। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

 नगर निगम की खुली पोल

बारिश ने नगर निगम की नाला सफाई की पोल खोल दी है। वीआईपी रोड, खलासी लाइन, ग्वालटोली, अहिराना, आरटीओ, सर्वोदय नगर, कल्याणपुर, काकादेव, मोती झील, मरियमपुर, फजलगंज, जूही पुल इत्यादि जगहों पर भारी जलभराव देखने को मिला है।

व्यापारिक प्रतिष्ठानों में भरा बारिश का पानी।

मेयर ने ट्रैक्टर पर बैठकर किया शहर भ्रमण।

मेयर बोलीं- आज मैं बहुत दुखी हूं

मेयर ट्रैक्टर पर बैठकर कानपुर शहर का भ्रमण करने निकलीं और जगह-जगह पर इकट्ठा हुए क्षेत्रीय लोगों को समझाने का प्रयास किया और कहा कि, लापरवाह लोगों पर कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि, आज मैं बहुत दुखी हूं। कोरोना की वजह से पहले ही लोगों के सामने संकट चल रहा है। छोटे दुकानदारों का व्यापार नहीं चल रहा है। उस पर बारिश की वजह से हुए जलभराव ने उनके सारे सामान को भिगो दिया। जलभराव की वजह से उनके सामने स्थितियां और जटिल हो गई हैं। जल निगम अफसरों से काफी समय से सीसामऊ नाला का गेट बारिश में खोलने को कह चुकी हूं। लेकिन, कोई सुन नहीं रहा है।

इशारों ही इशारों में उन्होंने अफसरों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करते कहा कि, कहीं न कहीं चूक हो रही है। इसकी वजह से इस तरह का जलभराव कानपुर में हुआ। उन्होंने कहा कि, इससे पहले भी कानपुर में जलभराव हुआ है। लेकिन, ऐसी स्थिति नहीं आई थी।

व्यापारी नेता सड़क पर उतरे। सड़कों पर उतरे व्यापारी

कल्याणपुर में बनी मार्केट के अंदर पानी के भराव के चलते सड़कों पर व्यापारी उतर आए और उन्होंने सड़क पर बैठकर नगर निगम के साथ सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। व्यापारी नेता सुरेश चंद श्रीवास्तव ने कहा कि नगर निगम बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन सरकार के सारे दावे हर बरसात में फेल हो जाते हैं। इसी तरह नगर निगम ने भी बरसात के पहले व्यापारियों को दिक्कत ना हो इसकी व्यवस्था करने के बड़े-बड़े दावे किए थे जो सिर्फ कागजों में ही पूरे हुए। सच आपके सामने हैं। व्यापारी वैसे भी कोरोना काल में परेशान है और बचा कुचा नगर निगम की लापरवाही के चलते दुकानों में रखा माल बर्बाद हो गया है। इसका जिम्मेदार कौन है? यह उत्तर प्रदेश सरकार को तय करना होगा।

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