महराजगंज में फिर निकला कोरोना का मरीज मचा हड़कंप।। Raebareli news ।।

 

तहसील में एक अधिवक्ता के सहायक के रूप में रोजाना करने आता था काम

फिर भी तहसील प्रशासन ने कहा नहीं सील होगी तहसील

रजनीकांत अवस्थी

महराजगंज/रायबरेली: क्षेत्र में कोरोना मरीजों के मिलने का सिलसिला जारी है। इसी क्रम में तहसील महराजगंज में एक अधिवक्ता के सहायक की लखनऊ ट्रामा सेंटर में चेकिंग के दौरान उसे पॉजिटिव पाया गया। मालूम हो कि, संपर्क संक्रमित पाए गए युवक को मारपीट में घायल होने के बाद उसे इलाज के लिए लखनऊ ट्रामा सेंटर रेफर किया गया था। तहसील परिसर में रोजाना आने जाने वाले इस व्यक्ति के संक्रमित पाए जाने की खबर मिलने पर तहसील परिसर में हड़कंप मच गया। तहसीलदार विनोद कुमार सिंह के निर्देश पर आनन फानन पूरी तहसील को सेनीटाइज कराने का काम शुरू कर दिया गया है। वहीं ओथी गांव में भी फर्स्ट और सेकेंडरी संपर्क में आने वालों की भी नमूने लेकर जांच के लिए भेजा गया है। ओथी और हसनपुर गांव के घरों और रहने वालों का सर्वे भी स्वास्थ्य विभाग द्वारा कराया गया है।

    आपको बता दें कि, ओथी गांव में कोरोना के 6 मरीज पीड़ित पाए जाने पर रविवार को गांव की नाकाबंदी करा दी गई थी। गांव को हॉटस्पॉट घोषित कर दिया गया था। कोरोना नियंत्रण प्रभारी कमल श्रीवास्तव ने बताया कि, विभाग ने ओथी और रानी के पुरवा में रहने वाले 192 घरों पर जाकर 997 लोगों का सर्वे किया। वहीं 35 लोगों की सैंपलिंग भी की गई, जो कोरोना मरीजों के संपर्क में आए थे।

     इसके अलावा पड़ोस के गांव हसनपुर में भी 124 घरों के 642 लोगों का सर्वे कर यहां भी मरीजों की सैंपलिंग की गई। हसनपुर पूरे रानी का पुरवा और ओथी में कुल 81 लोगों के नमूने लिए गए। वहीं तहसील से जुड़ी भी एक खबर आई, जिसने सबको चौका दिया। कुसुढ़ी गांव का रहने वाला एक युवक जो तहसील में एक अधिवक्ता के सहायक के रूप में काम करता था, रोजाना तहसील आता था, विगत शनिवार की रात गांव में हुई मारपीट में वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। महराजगंज सीएचसी लाए जाने पर उसकी हालत नाजुक देखते हुए उसे लखनऊ ट्रामा सेंटर रेफर किया गया था।

      बताते हैं कि, वहां हुई कोरोना जांच में वह संक्रमित पाया गया। यह सूचना आज जब तहसील में अधिकारियों को मिली, तो हड़कंप मच गया। तहसीलदार विनोद कुमार सिंह ने कहा कि, पूरी तहसील को सैनिटाइज कराया जा रहा है। यह काम लगातार चलता रहेगा। तहसील को सील करने के बारे में उन्होंने बताया कि, संक्रमित पाया गया व्यक्ति कभी कभार ही तहसील आता था। इसलिए तहसील को सील करने का कोई प्रश्न ही नहीं उठता। 

     वहीं क्षेत्र में लगातार कोरोना से पीड़ितों के पाए जाने का सिलसिला जारी रहने पर आम लोगों में दहशत भर गई है।

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