विकास व निर्माण कार्यो को करे युद्ध स्तर पर पूर्ण-डीएम शुभ्रा सक्सेना।। Raebareli news ।।

 

ग्रामीण पाइप पेयजल आपूर्ति योजनाओं को शीघ्र पूर्ण कर करे क्रियाशील-शुभ्रा सक्सेना

डीएम ने कार्यो की जानकारी न होने पर डीपीओं के प्रतिनिधि सीडीपीओं को लगाई कड़ी फटकार मागा स्पष्टीकरण

डीएम ने आयुष्मान भारत योजना की प्रगति कम होने पर आयुष्मान योजना से जुड़े अधिकारियों व कर्मचारियों का अगले आदेशों तक रोका वेतन

रजनीकांत अवस्थी

रायबरेली: जिलाधिकारी शुभ्रा सक्सेना ने बचत भवन सभागार में अधिकारियों को निर्देश दिये कि, विकास व निर्माण कार्यो को युद्ध स्तर पर पूरा करें। उन्होंने अधिशाषी अभियन्ता जल निगम को निर्देश दिये कि, उनके यहां लम्बित पेयजल की परियोजनाओं को शीघ्रताशीघ्र पूर्ण कर क्रियाशील करें। कई एकल पाइप पेयजल योजना जो बन्द पड़ी है, उन्हें तत्काल क्रियाशील कर ग्रामीण पाइप पेयजल आपूर्ति योजनाओं की क्रियाशीलता में प्रगति लाये। पेयजल योजनाओं एवं स्वच्छता कार्यक्रमों का क्रियान्वयन त्वरित प्रभावी/गुणवत्तापरक ढंग से कराया जाये। ग्रामीण पाइप पेयजल योजनाओं में बकाया विद्युत बिलों का भुगतान ग्राम पंचायतों से कराये जाने तथा सभी परियोजनाओं में जलशुल्क प्रभावी ढंग से व नियामानुसार लागू किया जाये। 

    आपको बता दें कि, बैठक में जिलाधिकारी सुभाष सक्सेना ने कहा कि, ग्रामीण क्षेत्रों में खराब पड़े हैण्डपम्पों का सत्यापन कराकर मरम्मत/रिबोर कराकर क्रियाशील कराने एवं पाइप पेयजल योजनाओं जो किसी कारणों से खराब है, उन्हें मरम्मत कराकर क्रियाशील कराये जाने के निर्देश दिये, जिससे पेयजल की कोई समस्या उत्पन्न न हो। 

   कोविड-19 कोरोना संक्रमण को दृष्टिगत रखते हुए जिलाधिकारी शुभ्रा सक्सेना ने बचत भवन में अधिकारियों के साथ विकास व निर्माण एवं कोविड-19 से सम्बन्धित कार्यो की समीक्षा बैठक करते हुए जिला कार्यक्रम अधिकारी के प्रतिनिधि के रूप में आये सीडीपीओं को विभागीय कार्यो के बारे में पूछे गये प्रश्नों का सही उत्तर न देने पर कड़ी फटकार लगाते हुए कारण बताओं नोटिस जारी करने के निर्देश दिये है। साथ ही यह भी कहा कि, अधिकारी जब भी बैठकों में भाग ले पूरी तैयारियो के साथ आये।   उन्होंने सीएमओं को निर्देश दिये कि, किसी भी दशा में कोरोना सामुदायिक कम्युनिटी में न फैले, जननी सुरक्षा योजना में डिलेवरी कम हुई है और मास्क का प्रयोग लोग अधिक से अधिक करे, तथा सभी कार्यो को सोशल डिस्टेसिंग के माध्यम से किया जाये, इस पर विशेष ध्यान रखा जाये।    आयुष्मान भारत योजना के तहत कार्यो में काफी कमी पाई गई है। इस पर आयुष्मान भारत योजना से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों का वेतन रोकते हुए मेरे अगले आदेशों के बाद ही अवमुक्त किया जाये और यह भी बताया जाये कि, सरकारी अस्पतालों में आयुष्मान कार्ड का कितना प्रतिशत प्रयोग करके ईलाज कराया गया, कितनी धनराशि अवमुक्त की गई।

          प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के लागू होने से समाज के आर्थिक एवं समाजिक रूप से कमजोर परिवारों को लाभ मिलना है। इसमें प्रति परिवार प्रतिवर्ष 5 लाख रूपये का इलाज पूर्णतः निःशुल्क है, यह सरकारी व प्राईवेट चिकित्सालयों दोनों में मान्य है। कैसर जैसी गम्भीर स्तर की 1350 बीमारियां ईलाज हेतु जुड़ी है। परिवार के सदस्यों की संख्या आयु सीमा एवं लिंग की बाध्यता नही है। इलाज के दौरान दवा जांच जैसे एक्स-रे इत्यादि पूर्णतया निःशुल्क है। इसलिए आयुष्मान भारत योजना में किसी भी प्रकार की लापरवाही किसी भी स्तर पर क्षम्य नही होगी। उन्होंने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को सभी गौवंश केन्द्रों शासन को निर्देशों के अनुरूप एक तालाब का निर्माण कराये जाने की बात कही है।  

     जिलाधिकारी ने उपनिदेशक कृषि के कार्यो की समीक्षा करते हुए कहा कि, किसान सम्मान योजना आदि में कैम्पों को लगाकर आमजनमानस को लाभान्वित किया जाये। उनके पास जिला कृषि अधिकारी, गन्ना अधिकारी आदि अधिकारियों/कर्मचारियों की फौज है। सरकार की लाभपरक कल्याणकारी किसान हित से जुड़ी योजनाओं में जिला कृषि अधिकारी आदि अधिकारी को लगाकर योजनाओं का क्रियान्वयन बेहतर तरीके से किया जाये। उन्होंने अधिशाषी अभियन्ता नलकूप सिचाई को निर्देश दिये कि, वह सिचाई के लिए नहरों के पानी को टेल तक पहुचाए। यदि कोई दिक्कत आ रही है, तो तत्काल उच्च अधिकारियों के संज्ञान में लाकर समस्याओं को निस्तारण करे। बैठक में अन्य बिन्दुओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

      इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक गोयल, मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 संजय कुमार शर्मा, पशु चिकित्साधिकारी डा0 गजेन्द्र सिंह, डीपीआरओ, बीएसए, डूडा अधिकारी, खादी अधिकारी ए0के0 गौतम, उपायुक्त उद्योग नेहा सिंह, डीडीओ ए0के0 वैश्य, एडी सूचना प्रमोद कुमार आदि अधिकारी उपस्थित रहे।

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