शिवाकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: उत्तर प्रदेश में बलिया कांड को हुए अभी 24 घंटे भी नहीं बीते थे कि, रायबरेली जनपद के बछरावां थाना क्षेत्र के बलईमऊ गांव में गुंडों का तांडव पुलिस और पीआरवी 112 कर्मियों के सामने गुंडों ने न केवल गरीब ब्रह्मण परिवार के नौ सदस्यों को दौड़ा दौड़ा कर पीटा, बल्कि एक महिला का कान भी काट लिया। महिला की हालत इतनी गंभीर है कि, उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल से लखनऊ ट्रामा सेंटर रेफर करना पड़ा है। मामले में पुलिस की संवेदनहीनता इस कदर देखी जा रही है कि, पुलिस ने पीड़ित परिवार की मदद करना तो दूर, उल्टा उसी परिवार के नौ लोगों पर एससी/एसटी एक्ट का फर्जी मुकदमा दर्ज कर परिवार के तीन सदस्यों को विगत 20 घंटो से थाने में बैठा रखा है। यहां हालत यह है कि, इस महिला की हालत गंभीर है, उसको पूरा इलाज न मिल पाए इसके लिए उसके पति उसके बेटे व उसके देवर को पुलिस कल देर रात से ही थाने में बैठा कर रखा हैं। घटना के बारे में यह भी बताया गया है कि, पीड़ित परिवार भाजपा का सक्रिय सदस्य हैं, और मारखाने वालों में भाजपा के वर्तमान बूथ अध्यक्ष पंकज कुमार बाजपेयी व पूर्व बूथ अध्यक्ष सुशील बाजपेयी भी शामिल हैं। बावजूद इसके पुलिस के सिर पर भ्रष्टाचार का साया जमकर घूम रहा है।
घायल भाजपा बूथ अध्यक्ष रक्त रंजित कपड़ों के साथ जिले में एक सरकारी कार्यक्रम में भाग लेने आए, प्रदेश के उप मुख्यमंत्री व जनपद के प्रभारी मंत्री डॉ दिनेश शर्मा से मिलकर अपनी ब्यथा तथा बछरावां पुलिस की कार गुजारी की पोल खोलनी चाही, लेकिन कलेक्ट्रेट में भारी पुलिस जमाबड़े के बीच पीड़ितों को उप मुख्यमंत्री से नहीं मिलने दिया गया। बल्कि वहां मौजूद अफसरों ने यह कहकर कि, उपमुख्यमंत्री को निकल जाने दो, तो तुम्हारी पूरी सुनवाई की जाएगी। बछरावां पुलिस के इस कारनामे से क्षेत्र के लोग अचंभित है, साथ ही गुंडों का मनोबल सातवें आसमान पर है।
आपको बता दें कि, बछरावां थाने के प्रभारी राकेश सिंह के अवकाश पर होने के चलते थाने का चार्ज हमेशा अपनी विवादित कार्यशैली के लिए जाने जाने वाले चौकी इंचार्ज थुलेड़ी अनिल सिंह यादव को मिला है, उन्होंने पीड़ितों के जख्मों पर मरहम लगाने के बजाए नमक और मिर्च छिड़क दिया। मामला थाना बछरावां क्षेत्र के बलईमऊ गांव का है। यहां भाजपा के पूर्व बूथ अध्यक्ष व वर्तमान बूथ अध्यक्ष पंकज कुमार बाजपेई और राजेंद्र सिंह का मकान सड़क के किनारे आमने-सामने है। आरोप था कि, दबंग प्रबति के राजेंद्र सिंह ने सड़क के उस पार जाकर बाजपेई बंधुओं की जमीन पर अवैध कब्जा करने की नीयत से जानवरों के चारे की चरही बनाना चाही, जिसकी शिकायत बाजपेई बंधुओं द्वारा चौकी इंचार्ज अनिल यादव को लिखित रूप में दी गई थी। लेकिन चौकी इंचार्ज ने मौका मुवाइना करने की बात कह कर मामले को टाल दिया था। उधर बीती रात दबंगो ने दिन में ही चरही बनाने का काम पूरा कर लिया। जिससे दोनों पक्षों में नाराजगी थी।
घटना के बारे में भाजपा बूथ अध्यक्ष पंकज बाजपेई ने बताया कि, रात 8:00 बजे वह लोग अपने घर पर बैठे थे, तथा भोजन करने की तैयारियां चल रही थी, तभी राजेंद्र सिंह के घर पर चार पहिया गाड़ी से लगभग दो दर्जन लोग लाठी, डंडे, सरिया, कुल्हाड़ी और बड़े-बड़े चाकूओ के साथ आ गए। आते ही लोगों ने राजेंद्र सिंह के दरवाजे से बाजपेयी परिवार को गालियां देना शुरु कर दिया, तभी पंकज ने मामले की सूचना डायल 112 को देने के साथ-साथ चौकी इंचार्ज थुलेड़ी/ प्रभारी थानाध्यक्ष बछरावां अनिल सिंह यादव को भी दी, और इसी बीच दबंग ने पूरे परिवार पर हमला बोल दिया। परिवार में भगदड़ मच गई।
लेकिन मारने पर उतारू गुंडों ने उनके मकान को चारो तरफ से घेर लिया और पंकज बाजपेई, सुशील बाजपेई, संतोष पासी सहित परिवार का जो भी सदस्य मिला, उसको मार मार कर अधमरा कर दिया। इस बीच पीआरवी 112 पुलिस और चौकी इंचार्ज भी मौके पर पहुंच गए, लेकिन गुंडों का तांडव जारी रहा। मारपीट के दौरान सुशील बाजपेयी की पत्नी सोमा बाजपेई पर दबंगो ने धारदार हथियार से हमला बोल दिया। प्रहार इतना तेज था कि, उनका एक कान कटकर जमीन पर गिर पड़ा, और वह भी वहीं बेहोश हो गयी। इस पर भी महिला पर दबंग लाठी डंडे बरसातें रहे, यह तांडव लगभग आधा घंटा चला।
इस दौरान बाजपेई परिवार के नव सदस्य गंभीर रुप से घायल हो गए। सबसे खास बातें यह रही कि, मारपीट थमने के बाद हमलावर चौकी इंचार्ज से हस - हसकर बाते करते हुए, जिन वाहनों से आए थे, उन पर सवार होकर चले गए, और देर रात बछरावां थाने पहुंचकर अपने पक्ष से दूसरे गाँव के एक दलित समाज के व्यक्ति की ओर से तहरीर दिलाकर बाजपेयी परिवार के सभी सदस्यों के खिलाफ दलित उत्पीड़न निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज करा दिया। जबकि पुलिस ने वहीं दूसरे और बाजपेयी बंधुओं की तरफ से दी गई तहरीर में पुलिस ने महज बलबा और मारपीट जैसी मामूली धाराओं में केस दर्ज कर, मामले को रफा दफा करने की कोशिश की। यह भी पता चला है कि, देर रात तक चौकी इंचार्ज मामले में पीड़ित परिवार पर समझौते का दबाव भी बनाते रहे।
इनसैट....... योगी सरकार में ब्राह्मणों पर फिर हुआ अत्याचार पुलिस कर रही खानापूर्ति
बछरावां/रायबरेली: चश्मदीद बताते हैं कि, बलईमऊ गांव के रहने वाले सुशील कुमार बाजपेई के पूरे परिवार को एक वर्ग विशेष के द्वारा घर पर चढ़ाई करके बेरहमी से लाठी डंडों से पीट पीटकर घायल कर दिया गया। यह भी पता चला है कि, चिरौली गांव के रहने वाले एक वर्ग विशेष के व्यक्ति ने अपने कुछ दोस्तों को बुलाकर बाजपेई परिवार पर हमला बोल दिया, और उनके पूरे परिवार को बेरहमी से पीट-पीटकर लहूलुहान कर दिया। पूरा गांव तमाशा देखता रहा, क्योंकि चश्मदीद बताते हैं कि, उक्त गांव में ब्राह्मणों का केवल एक ही घर है। बाकी घर एक वर्ग विशेष के हैं। इसलिए किसी ने भी ब्राह्मण परिवार का साथ नहीं दिया, और पूरा परिवार घायल होकर जिला अस्पताल में अपना इलाज करा रहा है, सूत्रों से जानकारी यह भी आ रही है कि, कुछ सफेदपोश सत्ताधारी नेताओं ने उक्त घटना को लेकर स्थानीय पुलिस पर दबाव बना दिया है। इसलिए स्थानीय पुलिस भी मामले में लीपापोती करने में जुटी हुई है।







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