सच्चाई सामने आते ही बौखलाए प्रधानाध्यापक, दे रहे हैं सम्मानित पत्रकार को धमकी।। Raebareli news ।।

 

अपनी हिटलर शाही एवं शिक्षा विभाग के रहमों करम पर 10 वर्षों से एक ही विद्यालय में जमे पड़े हैं, हेड मास्टर 

रजनीकांत अवस्थी

बछरावां/रायबरेली: राजस्व क्षेत्र के अंतर्गत ग्रामसभा राघवपुर में बीते गुरुवार को प्राथमिक विद्यालय के गेट का ताला 9:32 मिनट तक बंद था। उधर से निकले पत्रकारो ने जब प्राथमिक विद्यालय की ओर देखा, तो विद्यालय के मेन गेट पर ताला लगा हुआ था, और छोटा गेट अंदर से बंद था। गेट की तस्वीर खींचकर पत्रकारों के द्वारा खबर चला दी गई। जिससे नाराज प्रधानाचार्य वेद कुमार सिंह ने दबंगई दिखाते हुए पत्रकार को रास्ते में रोककर अभद्र भाषा का प्रयोग किया। उस समय उनके साथ उनकी गाड़ी में उनके तीन गुरुगे भी बैठे थे। 

     आपको बता दें कि, जानकारी के अनुसार राघवपुर प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य एक तो समय से विद्यालय नहीं आते है, और जब इनकी सत्यता को उजागर करने के लिए समाचार पत्रों के माध्यम से खबर  निकलती है, तो यथार्थ सत्य से बौखला कर पत्रकार को अपने तीन चार गुर्गों के साथ रास्ते में रोककर अभद्रता करते हैं, और कहते हैं कि, वे तो अपनी मनमानी करेंगें, जब मर्जी होगी विद्यालय आएंगे, जब मर्जी होगी जाएंगे। प्रधानाचार्य महोदय का यही कहना है कि, यदि उनके विभाग के अधिकारियों ने उनके ऊपर किसी प्रकार की भी कार्यवाही की, तो वे पत्रकार की पत्रकारिता और पत्रकार को देख लेंगे।

     अब सोचने वाली बात है, कि सत्य लिखना क्या गलत है, वहीं जानकारी के लिए आपको बता दे कि, प्रधानाचार्य  विगत 10 वर्षों से इसी ग्राम सभा में शिक्षा विभाग की खाओ कमाऊ नीति कहे या रहमों करम के कारण जमे हुए हैं, और लगातार विद्यालय को मिलने वाले विभिन्न योजनाओं की विभिन्न-विभिन्न मदों से अपना पेट भर रहे हैं, यदि इनके शासनकाल से अभी तक विद्यालय की विधिवत जांच हो जाए तो,  प्रधानाचार्य भ्रष्टतत्ता में कितना लिप्त है, दूध का दूध और पानी का पानी अलग हो जाएगा। इन्होंने विद्यालय में अपनी हिटलर शाही के दम पर विद्यालय के भवन के साथ-साथ विद्यालय के बच्चों का भविष्य भी अंधकारमय कर रहे हैं, वहीं देखा जाए, तो  शिक्षा विभाग के अधिकारीयो के रहमों करम पर एक ही विद्यालय में जमे हुए हैं। प्रधानाचार्य व अध्यापक समय से विद्यालय न पहुंचे, और शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों को पता न हो, क्या यह संभव है। अब देखना है, ऐसे दबंग तानाशाह मनमानी से विद्यालय चलाने वाले व अभद्रता करने वाले प्रधानाचार्य पर शिक्षा विभाग क्या कार्यवाही करता है। या फिर हमेशा की तरह आंख बंदकर अपनी खाओ- कमाऊ नीति का विस्तार करेगा।

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