रजनीकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: प्रदेश की योगी सरकार की लाख सख्ती के बावजूद शिक्षा विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार मिटने का नाम नहीं ले रहा है। जिसके चलते महराजगंज विकासखंड क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय व पूर्व प्राथमिक विद्यालय में तैनात शिक्षक अपनी मनमानी पर उतारू है, और क्षेत्र के बॉर्डर पर स्थित स्कूलों में तैनात शिक्षक व शिक्षिकाएं सप्ताह में एक बार ही विद्यालय आकर अपनी खानापूर्ति कर चली जाती हैं। जिन पर या तो किसी शिक्षा विभाग के नेता का वरदान प्राप्त है, या फिर खंड शिक्षा अधिकारी के रहमों करम पर यह शिक्षक शिक्षिकाएं सरकार के आदेशों की अवहेलना कर रहे हैं।
आपको बता दें कि, महराजगंज विकासखंड के कुल 116 प्राथमिक विद्यालयों में लगभग 267 शिक्षक व शिक्षिकाओं की तैनाती है, तो वहीं 33 पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में लगभग 91 शिक्षक व शिक्षिकाओं की तैनाती है। आपको यहां यह बताना जरूरी हो गया है कि, पूर्व में तैनात खंड शिक्षा अधिकारी लालमणि कनौजिया वर्तमान में लगभग 1 साल 3 माह से खंड शिक्षा अधिकारी के पद पर तैनात सुरेश कुमार के कार्यकाल में उच्च शिक्षा विभाग में शिक्षक व शिक्षिकाएं स्कूल में मात्र खानापूर्ति कर वापस चले जाते हैं। बॉर्डर के विद्यालयों की यह व्यवस्था है कि, या तो शिक्षक अनुपस्थित रहता है, या फिर प्रधानाचार्य मात्र शिक्षामित्रों के सहारे ही बॉर्डर के विद्यालय चला रहे हैं। ऐसे में यह साफ जाहिर होता है कि, प्रदेश की योगी सरकार द्वारा जारी किए गए, आदेश व निर्देशों को धता बताते हुए सेटिंग गेटिंग में माहिर शिक्षक व शिक्षिकाएं घर में बैठकर ही उपस्थिति रजिस्टर में अपनी उपस्थिति दर्ज करा कर इत्रशी कर रही हैं। जिसमें खंड शिक्षा अधिकारी की सहभागिता भी उजागर है।
मामले में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि, मामला प्रकाश में आया है। खंड शिक्षा अधिकारी महराजगंज से जांच करने की बात कही गई है। अनुपस्थित मिलने वाले शिक्षकों का वेतन रोका जाएगा।

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