रजनीकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: हाथरस की मनीषा के साथ पहले तो हैवानों की दरिंदगी और फिर पुलिस वालों की अमानवियता से देशभर में लोगों के अंदर गुस्सा है। इतना ही नहीं परिवार की गैरमौजूदगी में पुलिस ने देर रात पीड़िता के शव का अंतिम संस्कार कर दिया, हाथरस कांड की जांच के लिए यूपी सरकार ने भले ही एसआईटी का गठन कर दिया हो, लेकिन चुनाव से पहले विपक्ष को एक बड़ा मुद्दा हाथ लगा है। कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने सोशल मीडिया से लेकर सड़क तक राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
आपको बता दें कि, हाथरस की जांच के लिए यूपी सरकार ने भले ही एसआईटी का गठन कर दिया हो लेकिन उपचुनाव से पहले विपक्ष को एक बड़ा मुद्दा हाथ लगा है। कांग्रेश सहित विपक्षी दलों ने सोशल मीडिया से लेकर सड़क तक राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है जिससे हाथरस मामले में यूपी सरकार बैकफुट पर पहुंच गई है। इसी क्रम में कांग्रेस पार्टी के प्रदेश सचिव सुशील पासी ने हमलावर अंदाज में योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए इस संवाददाता को दिए गए बयान में कहा है कि, उत्तर प्रदेश के वर्ग विशेष के जंगलराज ने एक और युवती को मार डाला। प्रदेश की भाजपा सरकार सिर्फ दलितों को दबाकर समाज में उनका स्थान दिखाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार की शर्मनाक चाल है। कांग्रेस की लड़ाई इसी घृणित सोच के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि, भारत की एक बेटी का रेप कर कत्ल किया जाता है। तथ्य दबाए जाते हैं, और अंत में उनके परिवार से अंतिम संस्कार का हक भी छीन लिया जाता है। उन्होंने कहा कि, हाथरस की बेटी के लिए सड़क पर न्याय मांगने उतरे कांग्रेस के कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया और उन्हें गिरफ्तार किया। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ता सीएम आवास का घेराव करने जा रहे थे, उस दौरान पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया है। इतना ही नहीं हाथरस जाते हुए बदायूं हाईवे पर यूपी कांग्रेस महासचिव ब्रह्म स्वरूप सागर और असलम चौधरी समेत कई नेताओं को गिरफ्तार किया गया, इससे यह साफ जाहिर होता है कि उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है और सरकार हिटलर शाही रवैया से पेश आ रही है।

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