सिपाही के साथ मारपीट व उसकी पत्नी के साथ छेड़छाड़ के मामले में पुलिस ने दो अभियुक्तों को दबोचा।। Raebareli news ।।

 

रजनीकांत अवस्थी

महराजगंज/रायबरेली: सिपाही की पत्नी से छेड़छाड़ मामले में महिला द्वारा विरोध करने पर दबंगों द्वारा घर में घुसकर सिपाही और उसकी पत्नी के साथ मारपीट, बलबा, डकैती, गाली गलौज जैसे मामलों में आज पुलिस के तेवर काफी सख्त रहे। जहां कोतवाली पुलिस ने घटना में वांछित दो अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया, तो वहीं शेष के गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित करके सब को पकड़ने का अभियान छेड़ दिया गया है। वहीं पूरे मामले में गंभीरता दिखाते हुए एसपी श्लोक कुमार के निर्देश पर अपर पुलिस अधीक्षक ने कोतवाली महराजगंज पहुंच कर पूरे मामले की पड़ताल की, और पुलिस कर्मियों को सख्त हिदायत दी कि, सभी वांछित अभियुक्त तत्काल गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए।

     आपको बता दें कि, विगत बृहस्पतिवार की रात गांधीनगर मोहल्ले में किराए के मकान में रहने वाले थाना महराजगंज में तैनात आरक्षी मोनू गुर्जर व उनकी पत्नी शिखा शर्मा के साथ गांधीनगर मोहल्ले के ही रहने वाले मनीष पुत्र रामचंद्र, पंकज पुत्र शीतला प्रसाद, रामकरण पुत्र गजराज, शिवा पुत्र सत्यम, पुत्र सुशील तथा विपिन पुत्र पंकज के अलावा आठ-दस अज्ञात लोगों पर आरोप है कि, इन लोगों ने उसके घर में पहुंचकर पत्नी शिखा शर्मा के साथ छेड़छाड़ की।


     पत्नी के विरोध करने पर सभी उसको मारने पीटने लगे सूचना मिलने पर आरक्षी मोनू जब मौके पर पहुंचा, तो अभियुक्तों ने दौड़ा-दौड़ा कर उसे लाठी-डंडों से पीट-पीटकर लहूलुहान कर दिया। मामले में यह भी आरोप है कि, दबंगों ने घर में घुसकर गाली गलौज लूटपाट भी की थी, तथा जान से मारने की धमकी दी थी।

    घटना की जानकारी मिलते ही कोतवाल श्री राम दल बल के साथ जब मौके पर पहुंचे, तो पुलिस को आता देख सभी अभियुक्त अंधेरे का लाभ उठाकर भाग निकले। बृहस्पतिवार को दोपहर सिपाही की पत्नी शिखा शर्मा द्वारा सभी अभियुक्तों के खिलाफ कोतवाली में मुकदमा पंजीकृत कराया गया था। इसी क्रम में पुलिस ने आज दो अभियुक्तों शिवाकांत उर्फ शिवा और विपिन पुत्र पंकज को गिरफ्तार कर लिया है। मामले की जांच करने अपर पुलिस अधीक्षक भी मौके पर पहुंचे और कोतवाल को कड़ी हिदायत दी कि, नामजद अभियुक्तों के साथ-साथ अज्ञात की भी शिनाख्त कर सभी अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए।

    कार्यवाही इतनी प्रभारी होनी चाहिए कि, आइंदा कोई भी समाज विरोधी तत्व कानून का पालन करा रहे पुलिस कर्मियों के साथ ऐसी दुष्साहसिक घटना करने का साहस न जुटा सके।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ