" मेरा चाँद चाहता है दीदार चाँद तेरा"

 

"मेरा चाँद चाहता है दीदार चाँद तेरा"

 ¶ हैइन्तज़ार मुझको बदमाश चाँद तेरा,

तुम तनिक न खिझाना लो मान कहा मेरा,

जल्दी से मुँह दिखाना मैं राह ताकता हूँ,

चलनी की ओट लेकर उसको निहारता हूँ,

मैं बीच में खड़ा हूँ दोनों में हक़ है मेरा,

मेरा चाँद चाहता है दीदार चाँद तेरा ।

¶ सजसँवर आज चन्दा का रूप निखर आया,

तेरा भी रूप निखरे ना हो ग्रहों की छाया,

तुम भी हो बहुत अच्छे वो भी है बहुत प्यारा,

मेरा चाँद जानते हो सबसे अलग है न्यारा,

बिल्कुल न झेप खाना तुम देख चाँद मेरा,

मेरा चाँद चाहता है दीदार चाँद तेरा ।

¶ रचयिता ~ कमल बाजपेयी

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ