सीएमओ ने फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम हेतु रोकथाम एवं बचाव तथा नियंत्रण करने की दी जानकारी।। Raebareli news ।।


◆फोटो-फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम की जानकारी देते हुए सीएमओ।

◆सीएमओ ने फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम हेतु रोकथाम एवं बचाव तथा नियंत्रण करने की दी जानकारी।

◆फाईलेरिया अभियान 21 दिसम्बर से 8 जनवरी 2021 तक घर-घर जाकर डीईसी व एलवेन्डाजोल की खिलाई जायेगी खुराक-सीएमओ।

रजनीकांत अवस्थी

रायबरेली: जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव के निर्देश पर मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 वीरेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय में फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम हेतु एम0डीएम कार्यक्रम के संचालन की जानकारी देते हुए बताया कि, 21 दिसम्बर से 8 जनवरी 2021 तक फाइलेरिया उन्मूलन हेतु एम0डी0एम0 कार्यक्रम का संचालन किया जाना है। जिसकी सभी तैयारियां पूरी की जानी है।   अधिक से अधिक लोग औषधि का सेवन कर स्वयं तथा समाज को फाइलेरिया रोग से मुक्त कराये। 

    आपको बता दें कि, मुख्य चिकित्साधिकारी ने बताया कि, फाइलेरिया क्यूलेक्स मच्छर के काटने से होने वाला रोग है, इसके मच्छर ठहरे हुए गन्दे पानी में पनपते है। हाथ पैरों की नसों का फूलना और गिल्टियों का उभर आना, लटके हुए अंग, हाथ पैर, अण्डकोश तथा स्तन में सूजन आ जाती है। इस रोग के लक्षण संक्रमित होने के 5 से 15 साल में परिलक्षित होते है। साल में एक बार दवा का सेवन (डीईसी एवं एलवेन्डाजोल) करना होता है। वर्ष में एक बार दवा खाने से इस रोग के होने की सम्भावना शून्य हो जाती है। जब तक जनपद फाइलेरिया से ग्रसित है, तब तक हर वर्ष तक दवा खानी होती है। 

     वहीं मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 वीरेन्द्र सिंह ने बताया कि, फाईलेरिया की रोकथाम हेतु 21 दिसम्बर से 8 जनवरी 2021 तक घर-घर फाईलेरिया बचाव की दवा डीईसी और एलवेन्डाजोल की दवा आयु के अनुसार आगंनबाड़ी कार्यकत्री, आशाओं व एनजीओं के कार्यकताओ द्वारा खिलाई जायेगी। जिनकी अभियान में ड्यूटी लगी है, दवा का सेवन अपने सामने कराये। उन्होंने बताया कि, जनपद की जनसंख्या 3358304 है, जनपद में फाइलेरिया रोगियों की लाइनसिस्टिंग कर ली गई है।   जिसमें 12241 लिम्फाडिमा तथा 1177 हाइड्रोसील के रोगी है।   हाइड्रोसील के रोगियों के लिए प्रत्येक सीएचसी कैम्प का आयोजन कर हाइड्रोसील का आपरेशन कराया जा रहा है।   आच्छादित करने हेतु 2947 टीम का गठन किया गया है, प्रत्येक टीम दस दिन तक कार्य करेंगी,   बुधवार, शनिवार को छोटे लोगों की दवा खिलाई जायेगी। 2 वर्ष से कम के बच्चो, गम्र्भवती महिलाओं तथा गम्भीर रूप से बीमार व्यक्तियों को नही खिलाई जानी है। 

     उन्होंने आमजनसमानस से अपील करते हुए कहा है कि, फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के अन्तर्गत फाइलेरिया (हाथीपाव) जैसी खतरनाक बीमारी से बचाव के लिए सरकार द्वारा हरवर्ष सामूहिक दवा सेवन (एमडीए) अभियान के दौरान फाइलेरिया रोग से बचाव की दवा मुफ्त खिलाई जाती है। इस वर्ष चलाये जाने वाले अभियान के तहत आमजनमानस दवाओं का सेवन जरूर करें, ताकि फाइलेरिया जैसी गम्भीर बीमारियों से बचा जा सके। हमसब मिलकर अपने गांव, शहर, जिला और देश को फाइलेरिया से मुक्त बनाए तथा एक स्वस्थ समाज के निर्माण में भागीदार बने।

     मुख्य चिकित्साधिकारी ने यह भी बताया कि, वेक्टर जनित रोगों का संचरण काल व ठंड आदि को देखते हुए इन रोगों के संक्षरण के साथ ही फाईलेरिया पर प्रभावी नियंत्रण रखना जरूरी है। टास्क फोर्स के सदस्यों को सक्रिय रूप से क्षेत्रों में कार्य करें तथा लोगों को फाइलेरिया तथा वाटर जनित व वेक्टर जानित रोगों की रोकथाम एवं बचाव की कार्यवाही व रोगों के रोकथाम व बचाव के प्रति जागरूक करें। लोगों को बताये कि, फाइलेरिया की रोकथाम में सबकी जिम्मेदारी और सबकी भागेदारी महत्वपूर्ण होती है। फाइलेरिया के बचाव के लिए क्या करें क्या न करे इसकी विस्तृत जानकारी सभी को हो।

     इस मौके पर कार्यक्रम प्रभारी डा0 एम0 नारायन, डीसी अस्थाना, डीडी सूचना प्रमोद कुमार, मलेरिया अधिकारी रितु श्रीवास्तव, बड़े लाल, मो0 राशिद रियाज अंसारी सहित बड़ी संख्या में मीडिया बन्धु भी मौजूद रहे।

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