रजनीकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: महराजगंज तहसील मुख्यालय पर मुंसिफ कोर्ट स्थापना की लंबे अरसे से की जा रही मांग को लेकर बछरावां विधायक रामनरेश रावत और पूर्व एमएलसी राजा राकेश प्रताप सिंह ने लखनऊ जाकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उनके आवास पर मुलाकात की, तथा विभिन्न विकास योजनाओं और बछरावां विधानसभा क्षेत्र की ज्वलंत समस्याओं को लेकर उन्हें पत्र दिए। बकौल बछरावां विधायक मुख्यमंत्री ने सभी समस्याओं और मांगों के बारे में नेता द्वय से बिन्दुवार चर्चा की, और इन पर गंभीरतापूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया।
आपको बता दें कि, विधायक श्री रावत एवं पूर्व एमएलसी तथा पार्टी के राष्ट्रीय परिषद सदस्य राकेश प्रताप सिंह ने मुख्यमंत्री से मिलकर बताया कि, महराजगंज तहसील व्यापक क्षेत्र में फैली हुई है। दूरदराज के लोगों को महराजगंज में मुंसिफ कोर्ट ना होने की वजह से जिला मुख्यालय रायबरेली जाना पड़ता है। यहां पर तहसील मुख्यालय पर मुंसिफ कोर्ट की स्थापना विगत कई दशकों से की जा रही है। लेकिन अब तक शासन ने तहसील महराजगंज मुख्यालय पर मुंसिफ कोर्ट की स्थापना को स्वीकृत नहीं दी है। जबकि महराजगंज तहसील के पड़ोसी हैदरगढ़, बाराबंकी और मोहनलालगंज लखनऊ में मुंसिफ कोर्टे तहसील मुख्यालय पर चल रही है।
इसके अलावा नेता द्वय ने तहसील क्षेत्र के शिवगढ़ विकासखंड में खबरझील को जनपद ही नहीं आसपास के कई जनपदों की सबसे बड़ी क्षेत्रफल वाली झील बताते हुए कहा कि, पर्यटन की दृष्टि से इस झील को यदि चयनित करके इसका विकास किया जाए, तो यह एक अच्छा पर्यटन स्थल साबित हो सकता है। इसी क्रम में पूर्व एमएलसी राजा राकेश प्रताप सिंह ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि, प्रदेश सरकार के कार्यकाल में शिवगढ़ क्षेत्र में आईटीआई, पशु चिकित्सालय, बस स्टेशन एवं पॉलिटेक्निक के नवनिर्मित भवन बनकर तैयार हैं। शिवगढ़ क्षेत्र की जनता दिल से चाहती है कि, इन भवनों का लोकार्पण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के करकमलों द्वारा हो। इसके अतिरिक्त क्षेत्रीय विधायक और पूर्व एमएलसी ने विकास के नाम पर सबसे पिछड़ी बछरावां विधानसभा ने सरकारी बड़े उद्योग की स्थापना की मांग भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से की, ताकि इस क्षेत्र के युवक जो बेरोजगारी के चलते बड़ी तादाद में महानगरों की ओर पलायन कर रहे हैं। इस पर अंकुश लग सके।
विधायक श्री रावत ने एक अलग से पत्र देकर मुख्यमंत्री से यह भी मांग की है कि, विगत दिनों रायबरेली प्रशासन द्वारा सिविल लाइन में अतिक्रमण हटाने के नाम पर लगभग सवा सौ दुकानदारों को उजाड़ दिया था। इन्हें और इनके परिवार को जीविकोपार्जन के लिए किसी अन्य स्थान पर दुकानें लगाने के लिए जमीने आवंटित करावे। नेता द्वय ने मुख्यमंत्री से मिलने के बाद पत्रकारों को बताया कि, मुख्यमंत्री ने उनकी बातों को गंभीरता से सुन कर बिंदुवार इन समस्याओं के निराकरण करवाने का आश्वासन दिया है।

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