एसडीएम और अधिवक्ताओं के बीच एक बार फिर मामला गरमाया, अधिवक्ताओं ने की जमकर नारेबाजी।। Raebareli news ।।

 

रजनीकांत अवस्थी

महराजगंज/रायबरेली: महराजगंज तहसील मुख्यालय पर गुरुवार को अपराहन एक बार फिर अधिवक्ताओं ने एसडीएम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की, और तहसील में हंगामा मच गया। मामले की वजह कस्बे के बछरावां रोड पर निर्माणाधीन एक दीवार का विवाद बताया जा रहा है। अधिवक्ताओं का आरोप है कि, एसडीएम ने एक अधिवक्ता को असम्मानजनक तरीके से सभागार से जाने के लिए कहा था। मामले को तूल पकड़ता देख आनन फानन कोतवाली से पुलिस बुला ली गई। जो देर शाम तक तहसील परिसर में मौजूद रही।

     आपको बता दें कि, इससे पहले युवा अधिवक्ता प्रवीण कुमार शुक्ला को कथित रूप से एसडीएम द्वारा अपने चेंबर से बाहर किए जाने का मामला शांत हुए अभी महीने भर भी नहीं बीते थे कि, गुरुवार को एक नया बखेड़ा खड़ा हो गया। विदित हो कि, महराजगंज बछरावां रोड पर जमीनी विवाद को लेकर एक मामला चल रहा है, जिसमें रायबरेली दीवानी के अधिवक्तागण भी यहां आ चुके हैं। मामले में एक पक्षकार घोरौना गांव के रहने वाले त्रिवेणी प्रसाद तिवारी का प्लाट आगे पड़ता है। जबकि कस्बा महराजगंज के रहने वाले शिव प्रसाद सोनी और शिव कैलाश सोनी का प्लाट त्रिवेणी प्रसाद के प्लाट के बाद पड़ता है। शिवप्रसाद सोनी के प्लाट को आने जाने का कोई रास्ता नहीं है। त्रिवेणी प्रसाद तिवारी ने अपने भूखंड में प्लाटिंग करके प्लाट खरीदारों के आने जाने के लिए रास्ता दे रखा है। यह उनकी संक्रमणीय भूमि है।

    उधर शिव प्रसाद सोनी आदि ने अपने भूखंड में प्लाटिंग करके कई भूखंड बिक्री तो कर दिए, जिनमें स्थानीय दो अधिवक्ताओं ने भी प्लाट खरीदे हैं, आने जाने के लिए रास्ता मांगना शुरू किया, तो विवाद शुरू हो गया। लोगों का कहना है कि, त्रिवेणी प्रसाद तिवारी ने जहां से उनका भूखंड समाप्त होता है वहां तक बनी सड़क के अंतिम छोर पर दीवाल चुनवा दी। जिसे थाना समाधान दिवस के दिन शिव प्रसाद आदि की शिकायत पर प्रशासन ने मौके पर जाकर दीवाल दिलवा दी थी।

     उसके बाद त्रिवेणी प्रसाद के पक्ष में दीवानी कचहरी से कई वरिष्ठ अधिवक्ता यहां पहुंचे और उन्होंने प्रशासन से सवाल किया कि, जब त्रिवेणी प्रसाद ने अपनी ही भूमिधरी जमीन पर दीवाल बनाई थी, तो उसे गिराने का अधिकार प्रशासन का कैसे होता है। इस पर प्रशासन ने चुप्पी साध ली, और दीवाल फिर से खड़ी कर दी गई। हालांकि देर रात यह दीवाल पुनः गिरा दी गई, तो मामला तूल पकड़ गया।

     गुरुवार के दिन दोनों पक्षों को तहसील के सभागार में उप जिलाधिकारी द्वारा तलब किया गया, ताकि मामले में कोई अप्रिय घटना ना घटे। बताते हैं कि, मौके पर दोनों पक्षों के लोग जिसमें कई वरिष्ठ अधिवक्ता और दोनों पक्षकार मौजूद रहे। इसी दौरान वार्ता चल ही रही थी कि, एक पक्ष शिवप्रसाद सोनी आदि ने आरोप लगा दिया कि, अधिवक्ता ज्योति प्रकाश अवस्थी ने उन्हें गोली मार देने की धमकी दी है। इस आरोप की जानकारी होते ही अधिवक्ता ज्योति प्रकाश अवस्थी भी सभागार में पहुंच गए। इतने में एसडीएम ने श्री अवस्थी से आरोप के बारे में पूछा।

   बताते हैं कि, ज्योति प्रकाश अवस्थी ने आरोप को नकारते हुए कहा कि, इसकी जांच करा लें। एसडीएम और ज्योति प्रकाश अवस्थी के बीच नोकझोंक होने लगी। अधिवक्ता ज्योति प्रकाश अवस्थी का आरोप है कि, एसडीएम ने उनसे तुरंत सभागार से बाहर निकल जाने को कहा। इसी पर विवाद बढ़ गया, और वहां मौजूद अधिवक्ता विद्यासागर अवस्थी, महराजगंज बार एसोसिएशन के अध्यक्ष शिवसागर अवस्थी, प्रवीण कुमार शुक्ला, यजुवेंद्र मिश्रा, अतुल पांडेय आदि एसडीएम पर अधिवक्ता से अभद्रता करने का आरोप लगाते हुए नारेबाजी करने लगे। इस पर वहां मौजूद तहसीलदार विनोद कुमार सिंह व सीओ राघवेंद्र चतुर्वेदी ने बीच बराव करने और अधिवक्ताओं को शांत कराने की काफी कोशिश की। लेकिन अधिवक्ताओं के समर्थन में और भी अधिवक्ता पहुंच गए, तथा परिसर में एकत्र हो एसडीएम के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करने लगे।

    मामला तूल पकड़ते देख क्षेत्राधिकारी ने तत्काल महराजगंज थाने से भारी मात्रा में फोर्स को तहसील बुला लिया। कोतवाल शरद कुमार, वरिष्ठ उप निरीक्षक प्रमोद कुमार, उप निरीक्षक विकास चौधरी, जमुना प्रसाद त्रिपाठी सहित पुलिस बल के जवान मौके पर पहुंच गए, और देर शाम तक वहां डटे रहे। ताकि आगे किसी प्रकार की अप्रिय घटना ना हो सके।

    उधर महराजगंज बार एसोसिएशन महराजगंज के अध्यक्ष शिवसागर अवस्थी ने पत्रकारों को बताया कि, मामला काफी गंभीर है, तथा अधिवक्ता समाज के मान सम्मान और स्वाभिमान से जुड़ा हुआ है। इस संवेदनशील मुद्दे पर अग्रिम रणनीति तय करने के लिए आगामी शुक्रवार 1 जनवरी 2021 को महराजगंज की दोनों बार एसोसिएशन की बैठक बुलाई गई है। जिसमें आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी।

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