रजनीकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: विकासखंड क्षेत्र से निकलने वाली माइनर बृहस्पतिवार को कट जाने से किसानों की लगभग 50 बीघे गेहूं की फसल व गांव के दर्जनों घरों में पानी भर गया। किसानों ने माइनर कटान की सूचना अधिकारियों को दी। लेकिन सिंचाई विभाग का कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। ग्रामीणों ने खुद से ही पुआल और मिट्टी डालकर किसी तरह पानी पर काबू पाया।
आपको बता दें कि, किसानों ने बताया कि, फसल की सिंचाई के लिए पानी की मांग कम होने के बावजूद भी सिंचाई विभाग के कर्मचारियों व अधिकारियों की उदासीनता के चलते माइनर में पानी अधिक छोड़ा जा रहा है। इसी का नतीजा है कि, माइनर उफनाकर कर कट गई है।
क्षेत्र के पूरे पंचम सिंह मजरे पखनपुर गांव के पास बाला माइनर उफ़नाकर कट गया, जिससे वहां आसपास के लगभग 50 बीघे गेहूं के खेतों सहित दर्जनों घरों में जलभराव हो गया है। जलभराव होने की दशा में किसानों को फसल नष्ट होने की चिंता सताने लगी, साथ ही जिन लोगों के घरों में पानी घुसा है, उन लोगों के घर में खाने पीने और गृहस्थी का सारा सामान भीग गया हैं।
किसान राम कुमार सिंह, रामदीन, शिवकीर्ति सिंह, गीता सिंह, कृष्णपाल, रामपाल, रामफेर, त्रिभुवन, माधुरी, चतुरसेन सिंह, अमोल सिंह, नितिन सिंह, कन्हैयालाल, शीतला बक्स सिंह, चंद्रभाल, भोला आदि किसानों ने बताया कि, अधिक जलभराव होने से फसल नष्ट होने का खतरा बढ़ गया है। इस बाबत उन लोगों ने माइनर खुदाई के समय ही सिंचाई विभाग के अधिकारियों को कई बार दूरभाष पर अवगत कराया था, लेकिन अधिकारियों की उदासीनता के चलते माइनर की खुदाई सही से न होने के चलते आज उसका नतीजा है कि, इन लोगों की फसलें बर्बाद हो गई है, साथ ही जिन लोगों के घरों में पानी घुसा है, उनके घर पर रखी गृहस्ती का सारा सामान भीग जाने से उनके चेहरे पर भी मायूसी साफ देखी जा सकती है।
इस मामले में जब उप जिला अधिकारी महराजगंज विनय कुमार मिश्रा से बात की गई, तो उन्होंने कहा कि, राजस्व विभाग की टीम भेजकर पूरे मामले की जांच कराई जा रही है, और सिंचाई विभाग के अधिकारियों के खिलाफ भी लिखा पढ़ी की जाएगी।




0 टिप्पणियाँ