रायबरेली: बछरावां थाना क्षेत्र के बलई मऊ गांव में भाजपा के बूथ अध्यक्ष के परिवार पर चारों ओर से घर घेरकर किए गए प्राणघातक हमले में नामजद एक अपराधी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से दूर है। हालांकि पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने बछरावां पुलिस को मुल्जिम को गिरफ्तार करने के लिए कड़े निर्देश भी दिए हैं। लेकिन पुलिस के हाथ अभी भी खाली हैं।
आपको बता दें कि, गांव निवासी भाजपा बूथ अध्यक्ष के बड़े भाई सुशील कुमार बाजपेई पुत्र गजोधर प्रसाद निवासी बलईमऊ ने पुलिस अधीक्षक को दिए गए प्रार्थना पत्र में बताया है कि, विगत 15/10/2020 की रात उनके विरोधियों राजेंद्र सिंह, धर्मेंद्र सिंह उर्फ कल्लू, शैलेंद्र सिंह सहित दर्जनों लोगों ने उनका घर घेर कर परिजनों पर लाठी-डंडों एवं धार दार कुल्हाड़ी आदि से लैस होकर प्राणघातक हमला बोल दिया था, और घरवालों को दौड़ा-दौड़ा कर मरणासन्न कर दिया था।
हमले में सुशील कुमार बाजपेई की पत्नी सोमा देवी का कान शरीर से अलग होकर दूर जा गिरा था। वहीं उनकी पुत्री शालिनी की नाक काटने का प्रयास किया गया था। मामले में पुलिस ने उच्चाधिकारियों के दबाव पर दबंगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था, लेकिन पीड़ित पक्ष के परिजनों को भी थाने में गंभीर रूप से घायल अवस्था में बैठा कर रखा था। अगले दिन प्रदेश के उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा के जनपद आगमन पर मामला उच्चाधिकारियों तक पहुंचा। क्योंकि पीड़ित पक्ष लहूलुहान रक्तरंजित कपड़ों के साथ उप मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी व्यथा कथा सुनाना चाहता था। लेकिन मुख्यमंत्री की सुरक्षा में लगे अधिकारियों की निगाह उस पर पड़ी। पूरा वृतांत सुनने के बाद हड़कंप मच गया।
मामला सोशल मीडिया और प्रिंट मीडिया में भी प्रमुखता से प्रकाशित हो गया था। इसके बाद पुलिस प्रशासन ने अपराधियों की धरपकड़ के लिए अभियान चलाकर नामजद 9 अभियुक्तों में से 6 को गिरफ्तार किया था। जबकि 3 लोग पुलिस की पकड़ से दूर रहकर पीड़ित परिवार को तरह तरह की धमकियां दे रहे थे। इस मामले को लेकर पीड़ित परिवार के लोग पुनः एसपी से मिले। एसपी के कड़े निर्देश के बाद पुलिस ने दो अभियुक्तों को और गिरफ्तार कर लिया, जबकि एक अभियुक्त शैलेंद्र सिंह अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर है।
भुक्तभोगी सुशील कुमार इस मामले को लेकर फिर एसपी से मिले, तो एसपी ने बछरावां पुलिस को कड़े निर्देश देते हुए एक ओर जहां शैलेंद्र सिंह की तत्काल गिरफ्तारी करने के निर्देश दिए हैं, तो वहीं पीड़ित परिवार की सुरक्षा करने के भी कड़े निर्देश दिए हैं। सुशील कुमार का कहना है कि, एसपी के निर्देश को 48 घंटे बीत चुके हैं। लेकिन अभी भी शैलेंद्र सिंह पुलिस की पकड़ से बाहर है। जिससे उसको और उनके परिवार के सदस्यों को खतरा सता रहा है।

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