गांव में लगा गंदगी का अंबार, सफाई कर्मी को ढूंढ रहे ग्रामवासी।
रजनीकांत अवस्थी
बछरावां/रायबरेली: मायावती सरकार द्वारा प्रत्येक ग्राम सभा के अंदर सफाई कर्मियों की नियुक्ति इस आशय को लेकर की गई थी, की गांव में साफ सफाई देखने को मिलेगी। इतना ही नहीं मौजूदा केंद्र व प्रदेश की सरकारें स्वच्छ भारत मिशन अभियान चला रही है, परंतु सफाई कर्मचारियों की मनमानी अगर देखनी हो तो बछरावां विकासखंड में देखी जा सकती है, विकासखंड के अंदर 53 ग्राम सभाएं हैं, और 66 राजस्व ग्राम है। जिनकी सफाई के लिए लगभग 65 सफाई कर्मी की तैनाती है। परंतु हालात यह है कि, कुछ सफाई कर्मी सरकारी कार्यालयों में अटैच है, जो शेष बचे हैं उनमें आधे कर्मी अपने तैनाती स्थल पर कभी जाते ही नहीं है।
ऐसा ही एक मामला ग्रामसभा बहादुरपुर व गुजर पुर में देखने को मिला, जहां कूड़े के लगे बड़े-बड़े ढेर और बजबजाती नालिया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट स्वच्छ भारत मिशन को मुंह चढ़ा रहे हैं। इस संवाददाता ने जानकारी हासिल की तो, ग्रामीणों ने बताया कि, यहां तैनात सुरेश कुमार नाम के व्यक्ति को साफ सफाई की जिम्मेदारी दी गई है, जो बीते 20 दिनों से गुम है, काफी तलाश करने के बाद भी नहीं मिल रहा, अगर ग्रामीण फोन पर संपर्क करते हैं, तो उसका फोन लगातार घंटियां बजने के बावजूद भी उठता नहीं है। ग्रामीणों ने बताया कि, उक्त सफाई कर्मी शायद महीने में एक दो तीन आता हो, बाकी दिनों में गायब ही रहता है। अगर कभी उससे फोन पर बात की जाती है, तो वह बाहर होने का बहाना बना देता है।
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि, जब तक प्रधान का कार्यकाल था, यदा-कदा वह ग्राम सभा में आ भी जाता था, परंतु कार्यकाल समाप्त होने के एक महीना पहले से ही उसका रवैया मनमाना हो गया, फिलहाल ग्रामीणों द्वारा डीपीआरओ को एक शिकायती पत्र देकर उक्त सफाई कर्मी पर कानूनी कार्यवाही करने की मांग की गई है।




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