रजनीकांत अवस्थी
बछरावां/रायबरेली: एक तो सरकार दिहाड़ी मजदूरों और बीपीएल रेखा से नीचे लोगों के लिए नित नए प्रयास करके उनके जीवन स्तर को सुधारने का प्रयास कर रही है। वहीं दूसरी तरफ सरकारी कार्यालयों में काम करने वाले मजदूरों को ₹85000 रुपए ना मिलने का शिकायती पत्र देकर बछरावां थानाध्यक्ष से न्याय की गुहार लगाई गई है।
आपको बता दें कि, मिली जानकारी के मुताबिक खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय बछरावां के बिशुनपुर ग्राम सभा में स्थित है। वहां संतोष कुमार पुत्र रामकिशोर निवासी राजा मऊ द्वारा विगत 29 जून सन 2020 से 2 महीने राजगीर मिस्त्री तथा रंगाई पुताई आदि का कार्य किया गया था। जिसका भुगतान 1लाख 35 हजार रुपए हुआ है। जब वह अपनी मजदूरी मांगने गया तो बीआरसी कार्यालय में मौजूद खंड शिक्षा अधिकारी पद्म शेखर मौर्य, लिपिक नीलेश श्रीवास्तव और देशराज आदि से जब उन्होंने पैसा मांगा तो उन्होंने टरका बता दिया। भुक्तभोगी ने यह भी बताया कि, काम शुरू करने के समय उसे 50 हजार रुपए दिए गए थे। शेष 85 हजार रुपए की मजदूरी 4 माह बीत जाने के बाद भी नहीं मिली है। जिसके लिए वह लगातार खंड शिक्षा अधिकारी दफ्तर के चक्कर लगा रहा है।
पीड़ित ने यह भी बताया कि, वह बीआरसी पर काम कराने के लिए संतोष व पिंटू दोनों राजगीर ने श्यामलाल, दीपू, राजेंद्र, प्रदीप, जयबहादुर व मनीष जोकि मजदूर है। उनको साथ लेकर उसने यहां का काम कराया था। उसने यह भी बताया कि, विगत दीपावली के त्यौहार में लाख गिड़गिड़ाने के बाद भी जब इन अधिकारियों ने उसे पैसे देने से मना कर दिया, तो उसने अपनी पत्नी के जेवर बेचकर इन मजदूरों की थोड़ी बहुत मजदूरी का भुगतान किया था।
भुक्तभोगी द्वारा लगाए गए इन आरोपों की सत्यता के लिए जब जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रायबरेली के दूरभाष नंबर 94530 4175 तथा खंड शिक्षा अधिकारी के दूरभाष नंबर 790 523 4656 बात करने का प्रयास किया गया, तो उधर से फोन उठाने की जहमत तक नहीं की गई। इन मजदूरों की मांग है कि, उसकी मजदूरी का भुगतान न करने वाले संबंधित कर्मचारियों व अधिकारियों के विरुद्ध कार्यवाही करते हुए उनकी मजदूरी दिलाई जाए।

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