रजनीकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: पति से कहासुनी होने के बाद घर से चुपचाप 6 दिन पूर्व भागी महिला को पुलिस ने अंततोगत्वा उसकी ही मौसी के घर से सकुशल बरामद कर लिया है, जबकि युवती के गायब होने के मामले में युवती की मां ने पति और सास के खिलाफ मारपीट और अपहरण कर छिपा देने का मामला भी दर्ज करा दिया था। युवती के बरामद होने के बाद पुलिस ने उसके पति को रिहा कर दिया है।
आपको बता दें कि, मामला महराजगंज कोतवाली क्षेत्र के गांव मऊ गर्बी का है। जहां के रहने वाले अखिलेश 26 पुत्र दयाराम की शादी थाना हरचंदपुर क्षेत्र के गांव गंगागंजसोरा की रहने वाली मोहन देवी पत्नी पंचम की लड़की शकुंतला 24 के साथ लगभग 4 वर्ष पूर्व हुई थी। दोनों के मध्य एक संतान भी पैदा हुई थी। जोकि बीमारी के चलते बच्चे की मौत हो गई थी। बताते हैं कि, बच्चे की मृत्यु हो जाने के बाद पति और पत्नी में अक्सर कहासुनी होती रहती थी।
घटना विगत 28 जनवरी 2021 को पति पत्नी के बीच फिर जमकर तकरार हुई। उसके बाद शकुंतला देवी घर से गायब हो गई। शकुंतला के पति के घर न होने की खबर सुनकर उसकी मां मोहन देई यहां मऊ आई, और अपनी लड़की शकुंतला की तलाश की। जब लड़की वहां नहीं मिली, तो मोहन देई थाने आ गई, और अपने दामाद अखिलेश तथा अखिलेश की मां के विरुद्ध मारपीट करने के बाद शकुंतला को गायब कर देने का मुकदमा लिखा दिया।
जिसके बाद कोतवाल शरद कुमार और हल्का उपनिरीक्षक रामबदन ने शकुंतला की खोजबीन शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस को मुखबिर के द्वारा पता चला कि, शकुंतला जनपद अमेठी के थाना मोहनगंज के गांव भदसाने में अपनी मौसी के घर में रह रही है। तत्काल पुलिस बल मौके पर पहुंचा और महिला आरक्षिओं की मदद से शकुंतला को अपने साथ थाने ले आई। उप निरीक्षक रामबदन का कहना है कि, पूछताछ में शकुंतला ने पति के विरुद्ध मारपीट का आरोप लगाते हुए यह स्वीकार किया है कि, वह स्वयं ही अपनी मौसी के यहां गई थी। उसका अपहरण नहीं किया गया था। इसके बाद पुलिस ने हिरासत में लिए गए उसके पति अखिलेश को रिहा कर दिया है।
मामले में कोतवाल शरद कुमार का कहना है कि, शकुंतला द्वारा खुद यह बयान देने के बाद कि, उसका अपहरण नहीं किया गया है, तो अपहरण की बात झूठी निकली है। आगे विधि सम्मत कार्यवाही की जाएगी।

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