रजनीकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: वन एवं वन्य जीव विभाग महराजगंज में तैनात फॉरेस्ट गार्ड के काले कारनामों की पटकथा दिन-ब-दिन खुलती ही जा रही है, अवैध लकड़ी कटान कराने में महारत हासिल किए हुए वन दरोगा अनुज रंजन का चहेता फॉरेस्ट गार्ड सत्य नारायण की शह पर ठकुराइन का पुरवा मजरे राघवपुर में वन विभाग की बेशकीमती जमीन पर भू माफियाओं को कब्जा कराने की चर्चा इन दिनों पूरे क्षेत्र में जोरों पर है।
आपको बता दें कि, इस बेशकीमती जमीन पर इन दिनों गेहूं की फसल लहलहा रही है। क्षेत्रीय लोगों द्वारा नाम न छापने की शर्त पर बताया गया कि, वन दरोगा व क्षेत्रीय फॉरेस्ट गार्ड की शह पर ही वन विभाग की जमीन पर अवैध कब्जा किया गया है। जिसके बदले वन माफियाओं द्वारा फॉरेस्ट गार्ड को मोटी रकम चुकाई जाती है।
विदित हो कि, वन एवं वन्य जीव विभाग महराजगंज में तैनात फॉरेस्ट गार्ड सत्यनरायण के काले कारनामों के चर्चे वैसे तो इन दिनों काफी दूर दूर तक है। आरोप है कि, उनका मुख्य पेशा हरियाली को बचाना नहीं, वन माफियाओं से सांठगांठ कर हरियाली उजड़वाना है। इस फारेस्ट गार्ड के काले साम्राज्य को बढ़ावा देने में वन दरोगा अनुज रंजन भी कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं। सबसे दिलचस्प बात तो ये है कि, जनपद मुख्यालय पर बैठे वन विभाग के जिम्मेदार अधिकारी भी वन दरोगा और फॉरेस्ट गार्ड के कारनामों से बखूबी परिचित है, फिर भी अपने मातहतों पर जिम्मेदारों द्वारा लगाम लगाना मुनासिब नहीं समझा जा रहा है।वही मामले में जिला वन अधिकारी महेंद्र सिंह यादव से दूरभाष पर बात की गई, तो उन्होंने बताया कि, जांच कराई जाएगी। यदि भू माफियाओं द्वारा वन विभाग की जमीन पर कब्जा किया गया है, तो उसे मुक्त कराया जाएगा, और पूरे मामले में फॉरेस्ट गार्ड सत्यनारायण यादव की भी यदि संलिप्तता मिली, तो उनके खिलाफ भी विभागीय वैधानिक कार्रवाही की जाएगी।


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