रजनीकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: तेज चलती तूफानी हवाओ ने भी चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों के हौसलों को पस्त करने के बजाए और उत्साह वर्धक बना दिया हैं। विकासखंड के अंदर लगी भीड़ को देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि, पूरा क्षेत्र ही चुनाव मैदान में उतर चुका है। जबकि विकासखंड से केवल क्षेत्र पंचायत प्रधान व सदस्यों के नामांकन पत्र ही वितरित किए जा रहे हैं। लगभग एक दर्जन से अधिक कर्मचारी बीते 4 दिनों से पूरी मुस्तैदी के साथ जहां पर्चा वितरण नोड्यूज ऑदि देने में लगे हुए हैं। वहीं प्रत्याशियों के सामने एक और भयंकर समस्या मुंह बाए खड़ी है, वह यह कि, जिस समय यह चुनाव हो रहे हैं उस समय बैंकों की वार्षिक लेखा बंदी का कार्य भी चल रहा है। जो 1 अप्रैल तक चलेगी।
आपको बता दें कि, पहले महीने का अंतिम शनिवार तथा होली का अवकाश पड़ जाने के कारण 4 दिन बैंक बंद रहे, और अब जब बैंकों में कामकाज शुरू हुआ, तो वह अपनी वार्षिक लेखा बंदी कर रहे हैं, बैंक 3 दिन होली के अवकाश में रही। प्रत्याशियों की टेजरी बैंक ऑफ बड़ौदा में जमा करने का निर्देश है कि, 3 तारीख अंतिम तारीख है। इन स्थितियों में मात्र 2 दिनों के अंदर जमानत धनराशि कैसे जमा हो पाएगी। यह एक यक्ष प्रश्न है, हालांकि प्रत्याशियों की मांग है कि, अगर जमानत धनराशि जमा करने की व्यवस्था विकासखंड परिसर में ही करा दी जाए, तो ज्यादा बेहतर होगा, इन चुनावों के बीच जिला पंचायत की बल्ले-बल्ले हो रही है। जो प्रधान पद के प्रत्याशियों से अदेय प्रमाण पत्र देने के लिए ₹500 तथा क्षेत्र पंचायत व सदस्यों से ₹200 वसूल रहा है। कुल मिलाकर जिला पंचायत की हल्दी लगी ना फिटकरी रंग चोखा नजर आ रहा है।
अब सवाल यह उठता है कि, जिन्होंने किसी प्रकार की ग्रामीण क्षेत्र में कोई दुकान आदि नहीं कर रखी है, उन पर जिला पंचायत का किसी प्रकार का कोई टैक्स नहीं है। उनसे अदेय के नाम पर यह धनराशि वसूला जाना कहां न्याय संगत है, वैसे देखा जाए यह केवल इस चुनाव में ही नहीं हो रहा है, बीते सभी चुनाव में जिला पंचायत का यह खेल चलता है और और मनमाने ढंग से वसूली कर रहा है। इतना ही नहीं जिला पंचायत सदस्य पद के प्रत्याशियों ₹1000 अदेय प्रमाण पत्र देने के लिए लिया जा रहा है।
कुल मिलाकर प्रतिवर्ष जहां होली का त्यौहार लोग गांव में फगुआ गीत गाकर वा एक दूसरे के घर जाकर बधाइयां देने में लगाते थे, इस बार उनका सारा समय विकासखंड में व्यतीत हो रहा है, यह दीगर बात है कि, पर्चा दाखिला के बाद उनका असली होली का त्यौहार जिसमें दुआ सलाम मान मनोबल लेनदेन सभी कुछ चलने वाला है। फिलहाल तो सारे प्रत्याशी अपने अपने परचो को ठीक कराने में लगे हुए हैं, और विकास खंड का अमला अपनी अपनी कुर्सियों पर बैठकर केवल नोड्यूज देने में लगा हुआ है। हालात ये हैं इन बेचारे कर्मचारियों को भी भोजन करने की फुर्सत नहीं मिल पा रही है।




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