आखिरकार पुलिस के हस्तक्षेप से हाई टेंशन लाइन बिछाने पर रजामंद हुए ग्रामीण।। Raebareli news ।।

 

रजनीकांत अवस्थी

महराजगंज/रायबरेली: उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड द्वारा क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को और चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए 220 केवी पावर स्टेशन बेड़ारू से महराजगंज को सीधे जोड़ने के लिए हाईटेंशन लाइन बिछाने के काम में उस समय भयंकर अवरोध उत्पन्न हो गया, जबकि क्षेत्र के गांव पूरे बाबूजी मजरे पाली के सैकड़ों लोगों ने गांव के बीचो बीच से लाइन निकालने का जबरदस्त विरोध करते हुए धरना प्रदर्शन करने के लिए उतारू हो गए। ग्रामीण किसी भी कीमत पर गांव से बिजली का तार बिछाए जाने के लिए तैयार नहीं थे। मामला एसडीएम सविता यादव की चौखट तक पहुंच गया। हालांकि एसडीएम के निर्देश पर कोतवाल शरद कुमार और हल्का इंचार्ज जमुना प्रसाद त्रिपाठी ने मौके पर पहुंच कर दखल दिया, बाद में विद्युत लाइन बिछाने में लगे अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच पुलिस ने आमने-सामने बैठाकर बीच का रास्ता निकाला, तब जाकर कार्य शुरू हो सका।

    आपको बता दें कि, महराजगंज क्षेत्र को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुविधा नियमित रूप से उपलब्ध कराने के लिए एक बड़ी कार्य योजना स्वीकृत की गई थी। जिससे बेड़ारू के 220 केवीए पावर स्टेशन से महराजगंज उप केंद्र को सीधी आपूर्ति करने के लिए हाईटेंशन लाइन बिछाने का काम चल रहा था। इस काम को उपखंड प्रथम मध्यांचल विद्युत वितरण लिमिटेड उन्नाव द्वारा कराया जा रहा था। यह लाइन जैसे ही पाली गांव के पूरे बाबूजी गांव के पास पहुंची, विद्युत कर्मियों ने पोल गाड़ने के लिए गड्ढे खुदाई का काम शुरू ही किया था कि, मौके पर सैकड़ों ग्रामीण जिसमें महिलाओं की संख्या खासी थी। सबने एक स्वर में सबसे काम बंद कराते हुए काम में लगे अधिकारियों और श्रमिकों को मना कर दिया, सबने कहा चाहे उनकी जान चली जाए, लेकिन वह विद्युत लाइन यहां से नहीं निकलने देंगे।

    ग्रामीणों ने हो हल्ला शुरू कर दिया। ग्रामीणों में से राम सिंह और मान सिंह के नेतृत्व में तमाम लोग तहसील परिसर पहुंचे और उप जिलाधिकारी को एक ज्ञापन देकर आरोप लगाया कि, गांव के भीतर से बिजली जाने पर जान और माल को खतरा बना रहेगा, इस पर एसडीएम ने कोतवाली पुलिस को मौके पर जाकर शांति व्यवस्था बनाए रखने का निर्देश दिया। मौके पर विद्युत कार्य में जुड़े अधिकारियों की बेबसी साफ दिखाई पड़ रही थी। हालांकि कोतवाल शरद कुमार और हल्का इंचार्ज जेपी त्रिपाठी के पहुंचने पर माहौल ठंडा हुआ। पुलिस ने निर्माण कार्य में लगे विद्युत अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच वार्ता कराई। अंत में यह तय हुआ कि, महराजगंज माइनर के किनारे किनारे खंभे गाड़कर लाइन बिछा दी जाए, तो ग्रामीणों को भी असुविधा नहीं होगी, और ना ही भविष्य में किसी दुर्घटना की आशंका रहेगी। इस बात पर रजामंदी बनने के बाद आखिरकार लाइन बिछाने का काम फिर से शुरू हो गया है।

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