रजनीकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: शासन के निर्देश पर तहसील क्षेत्र में सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकानों में पारदर्शिता और ईमानदारी बनाए रखने के लिए उप जिलाधिकारी सविता यादव ने बड़ा कदम उठाते हुए जहां पिपरी गांव के कोटे को निलंबित कर दिया है। वहीं कुंभी, जनई और उचौरी के कोटेदारों के विरुद्ध घटतौली करने तथा फर्जी शपथ पत्र प्रस्तुत किए जाने जैसे मामलों को लेकर संबंधित थानों में एफ आई आर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। इन तीनों दुकानों का कोटा निलंबित रखते हुए इन्हें पड़ोस की दुकानों में संबद्ध भी किया गया है। वहीं फर्जी राशन वितरण सत्यापित करने के मामले में 2 ग्राम पंचायत सदस्यों तथा कुछ सरकारी कर्मचारियों के विरुद्ध भी कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए हैं।
आपको बता दें कि, पहला मामला कुंभी गांव का है। यहां पर कोटेदार सुंदरलाल के विरुद्ध गांव के ही कुलदीप सिंह आदि के द्वारा तहसील समाधान दिवस में आरोप लगाया गया था कि, कोटेदार घाटोली करता है। उपभोक्ताओं के साथ बदसलूकी करता है। जिसकी जांच कराई गई, तो जांच के बाद कोटे को निरस्त किया गया। इसके बाद सुंदरलाल ने न्यायालय संयुक्त खाद्य आयुक्त के यहां अपील की। अपील आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए, पत्रावली पुन: जांच के लिए तहसील भेजी गई।
उप जिलाधिकारी के निर्देश पर कोटेदार द्वारा दिए गए स्पष्टीकरण के साथ प्रस्तुत शपथ पत्रों का पुनरीक्षण कराया गया, तो जांच में सभी शपथ पत्र फर्जी पाए गए। जिस पर एसडीएम ने अनुसूचित वस्तु वितरण आदेश 1995 व 3/7 का मुकदमा दर्ज कराया गया। साथ ही फर्जी शपथ पत्र प्रस्तुत करने पर धोखाधड़ी व आपराधिक मामलों के केस दर्ज कराने के निर्देश दिए गए। ठीक इसी प्रकार का मामला जनई गांव के कोटेदार रामकरन सिंह के साथ भी हुआ। यहां भी रामकरन सिंह के विरुद्ध धारा 3/7 एवं फर्जी शपथ पत्र प्रस्तुत करने पर धोखाधड़ी, जालसाजी का मुकदमा कायम कराया गया।
इसके अलावा उचौरी गांव की कोटेदार कृष्ण कुमारी सिंह के विरुद्ध भी गांव के शिकायतकर्ता चंद्र कुमार द्विवेदी ने खाद्य प्रकोष्ठ लखनऊ को की गई शिकायत के क्रम में शिकायत सही पाए जाने पर शासन को प्रेषित जांच आख्या में उचित दर विक्रेता के विरुद्ध धारा 420 एवं 3/7 के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज कराते हुए आख्या शासन द्वारा मांगी गई, यहां की दुकान भी निलंबित कर दी गई।
चौथा मामला ग्राम सभा पिपरी के कोटेदार नीलम सिंह के विरुद्ध सुरेश कुमार सिंह आदि ने शिकायत की थी, कोटेदार के पति पवन सिंह और देवर रामकरन सिंह द्वारा अभद्र व्यवहार एवं समय से राशन वितरण किए जाने के संबंध में डीएम के निर्देश पर एसडीएम सविता यादव, एआरओ सुरेश कुमार सरोज, नायब तहसीलदार, कानूनगो तथा क्षेत्रीय लेखपाल द्वारा गांव में जाकर शिकायत की जांच की गई, तो जांच में सभी शिकायतें जायज पाई गई। इनका अनुबंध पत्र तत्काल निलंबित करते हुए कोटेदार से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
एआरओ सुरेश कुमार सरोज ने बताया कि, निलंबित कुंभी की दुकान दहियावां में, पिपरी की दुकान शिवगढ़ में, और उचौरी की दुकान भैरमपुर में, तथा जनई की दुकान चंदापुर में संबद्ध कर दी गई है। उप जिलाधिकारी के कड़े रवैए को देखकर कोटेदारों में हड़कंप है।

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