बछरावां विधानसभा में जारी है यमराज का कहर विधायक जी! कह रहे घर से कर रहा हूं लोगों की सहायता।
रजनीकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: दूसरों पर उंगली उठाना बड़ा आसान होता है, परंतु उंगली उठाने वाला यह नहीं सोचता कि, तीन उंगलियां उसकी तरफ होती है, मौजूदा समय में यही हालत है, सोशल मीडिया पर लोग सोनिया गांधी का पता लगा रहे हैं, वह पार्टी प्रेम में कभी खुद की समीक्षा नहीं करते, पूरे देश ने देखा कि, जब मुल्क के अंदर कोरोना का कहर लोगों की जान ले रहा था, तब हमारे देश के प्रधानमंत्री, गृहमंत्री भाजपा अध्यक्ष मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित सरकार के अनेकों मंत्री पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार कर रहे थे। जब बड़े नेताओं का यह आलम था, तो उनका अनुकरण करते हुऎ क्षेत्रीय विधायक राम नरेश रावत भी इस समय क्षेत्र से गायब हैं। जब विकासखंड ही नहीं पूरे विधानसभा क्षेत्र में गांव गांव लासे उठ रही है। मम्मी, पापा गए पापा मम्मी चली गई। हाय! मेरे भैया तुम कहां गए जैसे करुण क्रंदन हर गांव में सुनाई पड़ रहे हैं। लोगों को आशा थी कि, इस दुख की घड़ी में उनका विधायक उन्हें सांत्वना देने और जो भी चिकित्सीय मदद होगी दिलाने का प्रयास करेगा। परंतु विधायक जी! बाराबंकी जिले मे जिला पंचायत का चुनाव लड़ रही अपनी पत्नी को चुनाव जिताने में शायद लगे हुए है। क्षेत्र की जनता एक बार भूल कर चुकी है कि, वह सब कुछ देख रही है, और इसका जवाब समय आने पर अगर वह दे, तो कोई बुराई नहीं होगी।
आपको बता दें कि, जब विधायक जी! से बात करने का प्रयास किया गया, तो उनका सहायक फोन पर बोला कि, विधायक जी! चुनाव की मीटिंग कर रहे हैं। वहीं हमारे संवाददाता से दूसरी बार बात होने पर विधायक जी! द्वारा बताया गया कि, केशव प्रसाद मौर्य उपमुख्यमंत्री द्वारा उनसे कहा गया कि, आप जनप्रतिनिधि होने के नाते घर से ही लोगों की सहायता करें। बाहर ना निकले। इस बात से विधायक जी! की इस कार्यशैली से क्षेत्र के काफी लोग नाराज है, और यह कहते नजर आते हैं कि, हर चौराहे पर चर्चा में लोगों को कहते सुना जा रहा है कि, विधानसभा का जनप्रतिनिधि होने के नाते इस दुख की घड़ी में आज विधायक को अपने क्षेत्र वासियों के साथ होना चाहिए था, लेकिन वह इसके उलट कार्य करते नजर आ रहे हैं। अगर विधायक जी! अपने क्षेत्र में होते तो लोगों को इलाज में आ रही समस्याओं से कुछ निजात दिला पाने में आसानी मिलती, और कईयों की जान बच सकती थी, व ऑक्सीजन की व्यवस्था करा कर क्षेत्र में कोई अस्थाई अस्पताल बनवा कर कई बच्चों के सिर से मां बाप का साया ना उठ पाता। अगर विधायक जी! क्षेत्र में होते तो अपने क्षेत्र वासियों के लिए कुछ करते। लेकिन विधायक जी! तो अपने निवास स्थान बाराबंकी से ही लोगों की सहायता करने का दावा कर रहे हैं।
किंतु असलियत तो यह है कि, क्षेत्र में मर रहे लोगों की जानकारी भी विधायक राम नरेश रावत तक शायद सही तरीके से नहीं पहुंच पा रही है। विधायक को अपनी ही सरकार से अपने क्षेत्र वासियों के लिए कुछ स्वास्थ्य विभाग के लिए और जोर देने की जरूरत है। ताकि अच्छी स्वास्थ्य सेवाओं सहित अन्य सुविधाएं मिल सकें, तो कई लोगों के घर उजड़ने से अभी भी बच सकते हैं।

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