रजनीकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: कोतवाली क्षेत्र के स्वयंबर सिंह का पुरवा मजरे ज्योना गांव में तीन लोगों की मौत से पूरे गांव का माहौल बदला बदला सा रहा। चारों ओर मातम पसरा रहा। हर तरफ चीख पुकार सुनाई दे रही थी। आंखों से छलकते आंसू के साथ रोधें गले से सभी जुबां पर बस एक ही शब्द थे, हे भगवान आखिर ये सब हो क्या गया।
आपको बता दें कि, महराजगंज कोतवाली कोतवाली क्षेत्र के स्वयंबर सिंह का पुरवा मजरे ज्योना गांव के लिए बृहस्पतिवार और शुक्रवार का दिन बहुत ही दुखद और कष्टदायी रहा। स्वयंबर सिंह का पुरवा मजरे ज्योना गांव निवासी बसंत राम 70 पुत्र शिव नाथ, सुनील यादव 45 पुत्र बसंत राम दोनों पिता पुत्र परिवार के साथ वोट डालने रायबरेली से ओमनी वैन से ज्योना जा रहे थे। बीच में ही महराजगंज रायबरेली रोड पर स्थित सड़कहा गांव के पास स्टेरिगं फेल होने से वैन अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गई थी, जिसमें पिता-पुत्र की तत्काल मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि, अन्य का इलाज अभी चल रहा है।
वहीं पांच दिन पूर्व गैस पाइप फटने से हुऐ हादसे में स्वयंबर सिंह ज्योना के ही निर्वतमान प्रधान प्रतिनिधि ज्योना उमेश कुमार कुन्नु का भाई दुर्गेश 28 पुत्र श्याम लाल ने भी बृहस्पतिवार की रात लगभग 9 बजे लखनऊ के सिविल अस्पताल में दम तोड़ दिया। तीनों शव एक ही दिन गांव आने पर हर तरफ कोहराम मच गया, और शोक संवेदना व्यक्त करने वालों का गांव में हूजूम उमड़ पड़ा। गांव का मंजर देख हर शख़्स की आंखे छलक पड़ी। घर में पत्नी समेत पूरे परिवार का भी रो रो कर बुरा हाल है।
विदित हो कि, दुर्गेश अपने पांच भाइयों में सबसे छोटा था, और लगभग ढेड़ वर्ष पहले ही सेमरौता जनपद अमेठी के पास से शादी हुई थी।

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