◆यूं आसान नहीं बंशराज सिंह को भूला पाना, एकयुग का अन्त।
ब्यूरो रिपोर्ट
धम्मौर/सुलतानपुर: हनुमत इण्टर कालेज धम्मौर के पूर्व प्रधानाचार्य वशंराज सिंह का पार्थिव शरीर पंचतत्व में विलीन हो गया। सरस्वती बालिका इण्टर कालेज मनियारपुर के प्रांगड में उनकी चिता को जेष्ठ पुत्र धर्मेन्द्र कुमार सिंह ने मुखाग्नि दी। पूर्व प्रधानाचार्य वशंराज सिंह का शुकवार की देर शायं उपचार के दौरान सुलतानपुर के सुमन हास्पिटल में निधन हो गया था। उनके पार्थिव शरीर को सुलतानपुर से मुंशीगंज अमेठी स्थित उनके छोटे पुत्र भूपेंद्र नाथ सिंह के आवास पर ले जाया गया। जहाँ से दिन में 10 बजे अंत्येष्टि के लिए सरस्वती बालिका इण्टर कालेज मनियारपुर लाया गया। जहाँ उनके शव पर पुष्पार्चन कर श्रद्धांजलि देने वालों का ताता लगा रहा।
फाइल फोटो: वंशराज सिंह इलाज केे दौरान
आपको बता दें कि, भाजपा के जिला अध्यक्ष डा आर ए वर्मा, भाजपा के पूर्व क्षेत्रीय महामंत्री राम चंद्र मिश्र, हनुमत इण्टर कालेज के वर्तमान प्रधानाचार्य डा वेद प्रकाश आर्य, सीनियर मेडिकल अफसर जिला चिकित्सालय अमेठी डा पितम्बर कनौजिया, डा एके सिंह, विधायक सूर्य भान सिंह के पुत्र रूपेश सिंह, संघ के वरिष्ठ लोगों में कृपा शंकर द्विवेदी, रणजीत सिंह, भाजपा के जिला उपाध्यक्ष आनंद द्विवेदी, पूर्व प्रधानाचार्य हनुमान सिंह, भाजपा जिला सहप्रवक्ता अशोक सिंह, महेश सिंह सहित विद्यालय के शिक्षक, शिक्षिकाओं के साथ अमेठी, सुलतानपुर सहित क्षेत्र की अनेक हस्तियाँ शामिल थी। इसके अलावा भाजपा के जिला उपाध्यक्ष आलोक आर्य, पूर्व प्रधानाचार्य के उन शिष्यों में शुमार रहें जो पांच दिनों की उनकी अस्वस्थता के दौरान अस्पताल में अपने हाथों से उन्हें जलपान कराया। स्व श्री सिहं का शव जब सुमन हास्पिटल से उनके आवास को लेकर लोग चले थे, तो रास्ते में आलोक आर्य के घर पर उनकी शव यात्रा रोकी गयी थी, जहाँ आर्य के परिवारिक जनों ने उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
उल्लेखनीय है कि, वंशराज सिंह अर्थात शिक्षा को समर्पित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का वह स्वयं सेवक जो ता उम्र शिक्षा को लेकर समर्पित रहा। वंशराज सिंह का जन्म 1932 में आजमगढ़ के महराजगंज तहसील के महोबी खास (सिंहवारा) गांव में स्व0 सत्यनारायण सिंह के यहां हुआ था। इनकी प्रारंभिक शिक्षा-दीक्षा आजमगढ़ जिले में ही सम्पन्न हुई, और विद्यार्थी जीवन में ही वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संपर्क में आये। उस समय वहाँ संघ के जिला प्रचारक संकठा प्रसाद सिंह जिन्हें सब ठाकुर साहब कहते थे। कालांतर में उच्च शिक्षा इलाहाबाद विश्वविद्यालय से हुई, जहां से उन्होंने इतिहास विषय में परास्नातक की उपाधि प्राप्त की और राजनीति शास्त्र विषय में परास्नातक उपाधि BHU से प्राप्त किया। उन्होंने ने अपना अध्यापन कार्य तपेश्वरी इन्टर कालेज, जसरा इलाहाबाद से शुरू किया, जहां पर उनकी मुलाकात धम्मौर (नूरपुर) क्षेत्र के स्व0 सत्यनारायण सिंह जो उस समय वहाँ के प्रधानाचार्य थे, बाद वे (पूर्व प्राचार्य MGS सुलतानपुर) भी हुए। जसरा इलाहाबाद में थोडे दिनों तक अपना योगदान देने के बाद ये अपने गाँव वापस लौट लिए और आजमगढ़ के सरहदा स्थित एक हाई स्कूल के प्रधानाचार्य बने।
फाइल फोटो: वंशराज सिंह
इसी बीच धम्मौर विद्यालय की व्यवस्था को देखने के लिए श्री हनुमत शिक्षा समिति के प्रबंधक स्व0 रामेश्वर नाथ टिकैत ने स्व0 सत्य नारायण सिंह से एक अच्छा शिक्षक लाने की बात कही। स्व0 सत्यनारायण सिंह के निवेदन पर वे धम्मौर स्थिति श्री हनुमत इन्टर कालेज में अध्यापक के रूप में अपना योगदान देना शुरू कर दिया। उस समय हनुमत इन्टर कालेज हनुमान गढी मन्दिर धम्मौर में संचालित हुआ करता था। 1963 में स्व0 शिवकुमार पाठक (पूर्व प्रधानाचार्य) के सेवानिवृत्त हो जाने के बाद वे धम्मौर में प्रधानाचार्य के पद पर सुशोभित हुये, जहां पर वंशराज सिंह के समर्पण, निष्ठा, एक लक्ष्यता और अनुशासन के फलस्वरूप मन्दिर के चार छप्पर वाले इन्टर कालेज से निकल रामेश्वर नाथ सिंह टिकैत के भूदान एवं स्व0 राममूर्ति सिंह तत्कालीन ग्राम प्रधान (मनियारपुर) के सहयोग और वंशराज सिंह की अटूट मेहनत के दम पर बहुमंजिली इमारत खड़ी हुई। जिसमे अधिकतर निर्माण दान एवं चन्दे से हुआ। अपने अनुशासन के लिये स्व0 श्री सिंह का एवं हनुमत इन्टर कालेज का नाम प्रदेश पटल पर जाना जाने लगा। विद्यालय की यशकीर्ति को सुनकर पूर्वांचल के हर एक जिले के छात्र यहाँ शिक्षा पाने के लिये लालयित रहते थे। जिसके फलस्वरूप धम्मौर जैसे कस्बे में 80-90 के दशक में 5 छात्रावास और कितने छात्र अपने रिश्तेदारों के यहां निवास कर यहाँ शिक्षा प्राप्त करते थे। वंशराज सिंह के कार्यकाल में केवल किताबी शिक्षा ही नहीं बल्कि छात्रों में उच्च नैतिकता, व्यवसायिक शिक्षा का पाठ पढ़ाया जाता था। आज वंशराज सिंह के मार्ग दर्शन में इस विद्यालय में पढ़े छात्र/छात्राएं देश के सभी कोने में कार्यरत होकर देश को अपनी सेवायें प्रदान कर रहे है। वंशराज सिंह, हनुमत इन्टर कालेज धम्मौर से 1996 में सेवानिवृत्त हुये। जिसके बाद शिक्षा के उत्थान को लेकर सक्रिय रहे।
जिसमें भारत स्काउट गाइड इन्टर कालेज (तेलियरगंज) इलाहाबाद के साथ दो, तीन अन्य शैक्षाणिक संस्थान के प्रबंधक रहे, तथा सरस्वती बालिका इन्टर कालेज मनियारपुर, एवं हनुमत बाल विद्या मन्दिर धम्मौर के संस्थापक रहे। इनके प्रयास से ग्राम भारती परतोष, धम्मौर की स्थापना हुईं। संघ के विभिन्न आयामों में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वंशराज सिंह प्रधानाचार्य परिषद के प्रदेश अध्यक्ष पद पर रहे, इनको शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिये राज्यपाल पुरस्कार से नवाजा गया, तथा भारत स्काउट गाइड के प्रदेश स्तरीय पद पर रहे और सबसे बड़ी बात आजीवन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक भी रहे। संघ के इतिहास पुर्नर लेखन समिति सहित वे विभिन्न प्रकल्पों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का र्निवाहन किए। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक बाला साहब देवरस,प्रो0 राजेन्द्र सिंह रज्जू भइया, भारतीय मजदूर और किसान संघ के संस्थापक दतोपंत ठेगडीजी जैसी हस्तियों का प्रवास उन्ही के प्रयास से इस कालेज में हुआ था। 1976 में देश में आपात काल लगने पर उनके ऊपर मिसा डीआई आर भी लगा। लेकिन वे पुलिस की पकड से दूर रहे। वे राजनीति में भी सक्रिय रहें, तथा एक बार पूर्व प्रधानमंत्री स्व0 चन्द्र शेखर सिंह की जनता पार्टी से छाता चुनाव निशान पर सुलतानपुर जिले की सदर विधानसभा सीट से चुनाव भी लड़े थे।
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श्रद्धांजलि.......
एसके इंडिया न्यूज़ वेब पोर्टल परिवार की ओर से दिवंगत कांग्रेसी नेता राम शंकर चौधरी को भावपूर्ण श्रद्धांजलि।💐💐💐
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