अनशनकारी ने लगाया आरोप कहा- सत्ताधारी नेताओं की बदौलत नहीं हो सका बदहाल महराजगंज इन्हौना मार्ग का पुनरुद्धार, मंत्री प्रतिनिधि ने बाबा को बताया कांग्रेस का एजेंट

 रजनीकांत अवस्थी

महराजगंज/रायबरेली: 36 रायबरेली लोकसभा सीट पर एक तरफ जहां चुनावी घमासान अपने चरम पर है, तो वहीं दूसरी काफी अरसे से मौके का इंतजार कर रहे बाबा राम केवल अनशनकारी ने लगभग 17 किलोमीटर बदहाल महराजगंज इन्हौना मार्ग का मुद्दा फिर से गरमा दिया है। बाबा ने आज बृहस्पतिवार को सुबह लगभग 9:00 महराजगंज के सुखई का पूरवा स्थिति तिराहे पर प्रेस वार्ता आयोजित कर भाजपा प्रत्याशी दिनेश प्रताप सिंह पर जानबूझकर सड़क न बनने देने का आरोप लगाते हुए कहा कि, महराजगंज इन्हौना सड़क निर्माण की सच्चाई यह है कि, ख़ुद सत्ताधारी नेताओं ने 2024 के लोकसभा चुनाव में जनता से वोट मांगने के लिए सड़क नहीं बनने दिया और आज वही सत्ताधारी नेता जनता के बीच जाकर 2024 के लोकसभा में जिताने की बात कह कर, जीतने के बाद सड़क बनवाने का वायदा कर रहे हैं।

        आपको बता दें कि, बाबा राम केवल अनशनकारी ने पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि, उन्होंने 3 साल पहले महराजगंज इन्हौना मार्ग की बदहाली को लेकर यही इसी स्थान सुखई के पूरवा तिराहे पर धरना प्रदर्शन किया था, धरना प्रदर्शन में क्षेत्र की जनता और अधिवक्ता संघ एवं पत्रकार संगठनों के लोगों ने बदहाल सड़क के पुनरुद्धार के लिए कंधा से कंधा मिलाकर उनका साथ दिया था, जो लगभग 15 दिन चला। अंततोगत्वा सरकार और प्रशासन ने उनकी बात मानी और सत्ता पक्ष के तत्कालीन विधायक रामनरेश रावत एवं तत्कालीन जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने मौके पर पहुंचकर लिखित आश्वासन दिया था कि, यह सड़क जल्द से जल्द बनाकर तैयार हो जाएगी। इसके बाद बाबा अनशनकारी ने अपना धरना समाप्त कर दिया था। 

     बाबा अनशनकारी ने बताया कि, उनकी पहली मांग महराजगंज इन्हौना मार्ग जोकि लगभग 17 किलोमीटर है, वहीं दूसरी मांग मऊ से सिकंदरपुर मार्ग जो लगभग 3 किलोमीटर बनाना था, तथा तीसरी मांग यह थी कि, सड़क के किनारे एवं चौराहों पर लगे विद्युत पोलों पर स्ट्रीट लाइटे लगवानी थी, जिसे जल्द से जल्द पूरा करने का आश्वासन दिया गया था। किंतु 3 साल बीत जाने के बाद भी न तो बदहाल महराजगंज इन्हौना मार्ग का पुनरुद्धार हो सका और न ही सड़क के किनारे लगे विद्युत पोलों पर स्ट्रीट लाइट लगवाई गई। दोनों राजनीति की भेंट चढ़ गए। वहीं मऊ सिकंदरपुर मार्ग का पुनरुद्धार तो हुआ किंतु मानक विहीन हुआ और वह सड़क भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई, जिसमें सरकारी पैसे का खूब बंदर बांट किया गया।

     बाबा राम केवल अंसारी ने बताया कि, 3 सालों में महराजगंज इन्हौना मार्ग का पुनरुद्धार न होने पर उन्होंने समय-समय पर उच्चाधिकारियों और पीडब्ल्यूडी विभाग को चिट्ठियां लिखी। आरटीआई के माध्यम से जवाब मांगे। जवाब में सामने निकाल कर आया कि, कौन सी सड़क का कितनी बार डीपीआर बना, कौन-कौन प्रस्तावक रहे, और सड़क क्यों नहीं बनाई गई, जिसका आधा हिस्सा अमेठी जनपद में है, वहां सड़क निर्माण कार्य क्यों होने लगा और रायबरेली में पड़ने वाले हिस्से में काम क्यों अवरुद्ध है। 3 वर्ष बीत जाने के बाद भी महराजगंज इन्हौना मार्ग का पुनरुद्धार नहीं हो सका है।

     बाबा ने बताया कि, क्षेत्र की जनता के साथ अन्याय हुआ है, छलावा किया गया है, क्षेत्र की जनता बार-बार पूछ रही है कि, हमारी सड़क क्यों नहीं बनाई गई। अब समय आ गया है, जनता एक-एक बात का जवाबदेगी।

     मामले को लेकर प्रदेश सरकार के मंत्री व भाजपा प्रत्याशी दिनेश प्रताप सिंह से बात करने का प्रयास किया गया तो संपर्क नहीं हो सका। उनके प्रतिनिधि शिवम तिवारी से बात करने पर उन्होंने बताया कि, बाबा राम केवल अंशनकारी कांग्रेस पार्टी के एजेंट हैं। भाजपा प्रत्याशी को बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं। उनकी ही पार्टी की निवर्तमान सांसद सोनिया गांधी ने इस सड़क को नहीं बनने दिया। अगर वह चाहती तो महराजगंज इन्हौना मार्ग का पुनरुद्धार कब का हो गया होता। बाबा अनशनकारी अपनी कांग्रेस पार्टी की खामियों को छुपाना चाहते हैं, अभी चुनाव संपन्न भी नहीं हुए हैं और हार का डर सताने लगा है। जनता पहले ही जान गई है। आरोप भाजपा प्रत्याशी पर लगाए जा रहे हैं जो मिथ्या है।

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