आरोप: 25 लख रुपए की लागत से बने एएनएम सेंटर में सुविधाओं का टोटा, नहीं पहुंचती एएनएम

रजनीकांत अवस्थी

महराजगंज/रायबरेली: महाराजगंज क्षेत्र के पूरे रानी मजरे मुरैनी गांव में लगभग 25 लाख रुपए की लागत से बने एएनएम सेंटर में न तो कभी एएनएम पहुंचती हैं और न ही कोई स्वास्थ्य सुविधाएं लोगों को मिल पाती हैं। जबकि सरकार की मंशा है कि एएनएम वहां पर निवास करेंगी और दिन में आशा बहू बैठेंगी और लोगों का इलाज करेगीं। जो भी गर्भवती महिलाएं जाएगी उनका प्रथम उपचार होगा।

      आपको बता दें कि, ग्रामीणों एवं क्षेत्र वासियों का आरोप है कि, 2015 में बने सामुदायिक भवन में एक भी दिन स्वास्थ्य विभाग के किसी स्टाफ के न बैठने से योगी सरकार की मनसा पर पानी फेर रहे है।

    ग्राम प्रधान प्रतिनिधि रणविजय सिंह ने बताया कि, अभी 1 वर्ष पहले ही एक दूसरी इमारत का निर्माण कार्य करवाया गया है। उन्होंने कहा कि, इसी तरह कुछ दिन जब अधिकारी यहां नहीं आएंगे तो इस नए भवन का भी पुराने भवन जैसा हाल होगा।

      ग्राम प्रधान प्रतिनिधि रणविजय सिंह ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से आग्रह किया है कि, ऐसे अधिकारियों और कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए, जो सरकार द्वारा संचालित योजना का लाभ आम जनमानस तक नहीं पहुंचा पा रहे हैं। सबसे बड़ी बात पूरे रानी स्थित एएनएम सेंटर के रखरखाव के लिए लाखों रुपए आता है, जिसको संबंधित एएनएम द्वारा अधिकारियों की मदद से निकाल कर हजम कर लिया जाता है।

     प्रधान प्रतिनिधि ने बताया कि, उनके द्वारा इस संबंध में कई बार स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और एएनएम को कहा गया तो उनका जबाब गैर जिम्मेदाराना था। कहना था कि, प्रधान जी! यह स्वास्थ्य विभाग का काम है, आपको जहां शिकायत करनी है कर दीजिए कोई मेरा कुछ नहीं कर पाएगा।

     मामले में सीएचसी अधीक्षक डॉक्टर पी0के0 श्रीवास्तव ने बताया कि, मीडिया के माध्यम से जानकारी मिली है। निरीक्षणोंपरांत आरोप सच पाया गया, तो वहां पर नियुक्त एएनएम के खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही की जाएगी।

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