सार.......
⭕ बिल्व पत्र से हवन कुंड में हवन करते हैं तो आपको दुश्मन व वशीकरण से मुक्ति मिलती है, इसके अलावा वैभव में वृद्धि होती है।
विस्तार..........
सलेमपुर/देवरिया: तहसील क्षेत्र के मंगराइच स्थित जयराम ब्रम्ह स्थान पर आयोजित पांच दिवसीय शिवपुराण कथा एवं रुद्राभिषेक कार्यक्रम में आचार्य अजय शुक्ल ने श्रद्धालुओं को कथा सुनाते हुए बताया कि, श्रावण त्रयोदशी तिथि के दिन व श्रावण मास में महामृत्युंजय मंत्र जप व रुद्राभिषेक कराना बहुत ही पुण्यदायी फल देने वाला होता है। जो भक्त पूरे मनोयोग से रुद्राभिषेक के पश्चात हवन कराता है वह कई गुणा पुण्य प्राप्त कर रोग, व्याधि व कष्टों से मुक्ति पा जाता है।
आपको बता दें कि, आचार्य अजय शुक्ला ने बताया, अगर आप शहद, घी व दूध मिश्रण कर दूर्वा से हवन करते हैं तो आपकी आयु बढ़ती है, मन शांति के लिए तिल से हवन, दरिद्रता दूर करने के लिए घी, दूध व कमल से हवन करें तो आपके घर मे धन व समृद्धि की वृद्धि होती है। अगर आप बिल्व पत्र से हवन कुंड में हवन करते हैं तो आपको दुश्मन व वशीकरण से मुक्ति मिलती है, इसके अलावा वैभव में वृद्धि होती है।
उन्होंने कहा कि, मनुष्य को अपने सांसारिक जीवन के कष्ट दूर करने के लिए रुद्राभिषेक जरूर करना चाहिए। भगवान शिव अपने भक्तों के प्रति बहुत ही दयालु हैं।आज तक इस सृष्टि पर जिसने भी पवित्र मन से बाबा भोलेनाथ की साधना की है वह कभी भी खाली हाथ नहीं लौटा है। महाशिवरात्रि पर्व के दिन जो भी रुद्राभिषेक किया वह अगर महापाप भी किया है तो उसका वह पाप समाप्त हो जाता है, वह इस भवसागर से पार पा जाता है। इसलिए लोगों को सबसे प्रिय बाबा भोलेनाथ ही होते हैं। महामृत्युंजय मंत्र जप करने से जीवन पर्यन्त कहीं कोई बाधा उत्पन्न नही होता है। मानव का हर कार्य सकुशल सम्पन्न हो जाता है। कथा के दौरान पंडित विकास पाठक, आचार्य गणेश, पंडित निपुणानंद स्वामी, आशा देवी, दुर्गावती देवी, संध्या देवी, संजय, संदीप, राहुल आजाद, राकेश,आदि प्रमुख रूप से शामिल हुए।

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