रजनीकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: रायबरेली जिला अपनी संस्कृति और परंपराओं के लिए देश में अलग पहचान रखता है। यहां का रहन-सहन, खान-पान, पहनावा और मेहमान नवादी लोगों को काफी अट्रैक्ट करती है। रायबरेली अवध क्षेत्र में जेष्ठ माह का बड़ा महत्व है। यहां जेष्ठ मास के प्रत्येक बड़े मंगल पर जगह-जगह भंडारों का आयोजन किया जाता है। चिलचिलाती धूप में ठंडा रूआफ्जा, पानी भी इंस्टॉल लगाकर पिलाया जाता है। आयोजित भंडारों में सब्जी पूड़ी का सबको इंतजार रहता है। यहां सब लाइन में लगकर प्रसाद ग्रहण करते हैं। ऊंच-नीच का फर्क नहीं किया जाता है। सब एक लाइन में लगाकर एक साथ खाते हैं। ऐसी मान्यता है कि, जेष्ठ की गर्मी में ही श्री हनुमान जी महाराज भूखे प्यासे भाग दौड़कर राम के छोटे भाई लक्ष्मण के आमन की तैयारी किए थे। इसीलिए जेष्ठ के प्रत्येक मंगल को भंडारे का आयोजन किया जाता है, जिससे कोई भूखा प्यासा ना रहे।
आपको बता दें कि, इसी क्रम में ज्येष्ठ मास के तीसरे बड़े मंगलवार पर महराजगंज क्षेत्र भर में सैकड़ो भंडारे का पंडाल लगाया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु भंडारों में प्रसाद ग्रहण करने के लिए उमड़े। चिलचिलाती गर्मी में कोई भूखा प्यासा ना रहे इसलिए यह प्रथा सालों से चली आ रही है।
तीसरे बड़े मंगल पर सुबह से ही हनुमान मंदिरों में भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिली। मंदिर खूबसूरत फूलों से सजाए गए हैं। भक्त हनुमान जी को लड्डू और चोला चढ़ाकर भगवान से प्रार्थना करते देखे गए।
इसी क्रम में क्षेत्र के जमोलिया गांव में स्थित प्राचीन और सुप्रसिद्ध श्री नाथ बाबा के मंदिर पर ग्राम प्रधान अंजनी गुप्ता के द्वारा तीसरे बड़े मंगल पर बजरंगबली का गुणगान हुआ। हनुमान चालीसा का पाठ किया गया। तत्पश्चात विशाल भंडारा और शरबत वितरण का आयोजन किया गया, जहां हजारों की तादात में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर हनुमान जी महाराज की स्तुति कर भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया।
बताते हैं कि, श्री नाथ बाबा मंदिर पर मंगलवार सड़के से ही दर्शन
के लिए श्रद्धालु पहुंचने लगे थे।
इसके अलावा क्षेत्र के पूरे अहलादी मजरे मऊ स्थित पकरिया चौराहे पर जेष्ठ मास के तीसरे बड़े मंगल पर छोटे चौरसिया द्वारा हनुमान जी महाराज की स्तुति, सुंदरकांड का पाठ एवं हवन पूजन केपश्चात विशाल भंडारे का आयोजन किया। जिसमें सैकड़ो की तादात में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर प्रसाद ग्रहण किया।






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