102वां उर्से पाक: बाबा के आस्ताने पर सच्चे मन से अपनी मुरादों को जो लेकर आते है पूरी होती है उसकी जायज़ तमन्ना

सार........

⭕ बाबा अब्दुल समद शाह रहमतुल्लाह अलैहे का तीन दिवसीय 102वां उर्से पाक बड़ी धूमधाम से मनाया गया

विस्तार........

मोहम्मद रहबर

अमेठी/तिलोई: क्षेत्र के भीखीपुर गांव स्थिति दरगाह हज़रत बाबा अब्दुल समद शाह रह0 का उर्से पाक बड़ी धूमधाम से मनाया जा रहा है। बाबा अब्दुल समद शाह रह0 की दरगाह पर एकता और आपसी भाईचारा देखने को मिलता है।

       आपको बता दें कि, बाबा अब्दुल समद शाह रह0 का उर्से पाक इस्लामी महीने में मोहर्रम शरीफ़ की 26, 27 व 28 बामुताबिक 2, 3 व 4 अगस्त को मनाया जा रहा है। कौमी एकता तथा इंसानियत का पैग़ाम देता है। उर्से अब्दुल समद शाह में आने वाले जायरीन अपनी मन्नतों, मुरादों की दुआएं करतें हैं और अपनी झोलियों को भरता पाते हैं। बाबा अब्दुल समद शाह रहमतुल्लाह अलैहे की तालीम मुग़ल बादशाह बहादुर शाह ज़फ़र के बेटे हज़रत शाह अब्दुल लतीफ़ रहमतुल्लाह अलैहे सत्थिन शरीफ़ से हुई। 

     बाबा अब्दुल समद शाह रह0 ने अपना पीर हज़रत बाबा ताजुद्दीन रहमतुल्लाह अलैहे नागपुरी को मानकर उनकी खिदमत में नागपुर जाते रहते थे। वहीं मोहर्रम शरीफ़ की इन्हीं तारीखों में हज़रत बाबा ताजुद्दीन रह0 विशाल उर्स मनाया जाता है। हज़रत ताजुद्दीन शाह रह0 के उर्स की तारीख में बाबा अब्दुल समद शाह रह0 ने भीखीपुर में भी उर्से हज़रत ताजुद्दीन शाह मनाते रहे जो अबतक ज़ारी है।

       उर्से पाक में आने वाले जायरीन के लिए कमेटी द्वारा लंगरे आम तथा मेडिकल की बेहतरीन सुविधा इंतज़ाम कराया जाता है। सज्जादानशीन हज़रत नशीन जफरुल हसन ताजी ने बताया कि, बाबा के आस्ताने पर जो भी सच्चे मन से अपनी मुरादों को लेकर आते है उसकी जायज़ तमन्ना पूरी होती है।

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