लखनऊ विश्वविद्यालय के परीक्षा परिणाम घोषित: न्यू स्टैंडर्ड कॉलेज ऑफ़ हायर एजुकेशन सलेथू की छात्राओं ने लहराया परचम

रजनीकांत अवस्थी

महराजगंज/रायबरेली: लखनऊ विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित परीक्षाओं के परिणाम आने से न्यू स्टैंडर्ड कॉलेज आफ हायर एजुकेशन सलेथू के छात्र-छात्राओं में खुशी का माहौल देखने को मिला। यह खुशी उस समय हर्ष में बदल गई जब महाविद्यालय परिवार द्वारा महाविद्यालय स्तर पर सर्वोच्च स्थान पाने वाले छात्रों का सम्मान समारोह आयोजित किया गया। 

     आपको बता दें कि, प्राचार्य प्रोफेसर डॉ0 अनिल कुमार, डी0एल0एड0 प्राचार्य धीरेंद्र सिंह के द्वारा मां सरस्वती का पूजन करने के पश्चात कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। जिसमें बी0ए0, बी0एस0सी0, बी0एड0 के छात्रों को प्रमाण पत्र व प्रतीक चिन्ह देखकर माला पहनाकर तथा मिष्ठान खिलाकर प्राचार्य के द्वारा सम्मानित किया गया। 

    बी0ए0 फाइनल ईयर में राखी81.7 प्रतिशत से प्रथम, पलक पटेल 80.9 प्रतिशत से द्वितीय तथा उदय भान सिंह को 79.8 प्रतिशत से तृतीय स्थान प्राप्त हुआ है। 

     इसी क्रम में बी0एस0सी0 गणित वर्ग में महिमा शुक्ला 77 प्रतिशत अंकों के साथ प्रथम, अदिति त्रिवेदी 76.9% अंकों से द्वितीय तथा प्रिंसी 71% से तृतीय रही। वहीं बी0एस0सी0 बायो ग्रुप में सना सिद्दीकी 80.9% से प्रथम, सर्वज्ञ तिवारी 80.3 प्रतिशत से द्वितीय तथा शिखा तिवारी 77.9 प्रतिशत अंकों से तृतीय रही।

    इसके अलावा BEd उत्तरार्ध में रश्मि यादव 78.77 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रथम, सफक खातून 78.7 प्रतिशत अंक अर्जित कर द्वितीय तथा रानी मौर्य एवं वंशिका श्रीवास्तव 77.61 प्रतिशत अंकों के साथ तृतीया स्थान पर रही। संपूर्ण परीक्षा फल में बालिकाओं का सर्वाधिक स्थान रहा है। 

     प्राचार्य ने कहा कि, प्रत्येक छात्र के अंदर अनूठी प्रतिभा होती है, आप उसे निखारने के लिए हमेशा प्रयास करते रहे। क्या पाया है उसकी चिंता न करें, बल्कि हमें आने वाले भविष्य में क्या पाना चाहिए उसके लिए सतत परिश्रम करते रहे। परिश्रम ही सफलता की कुंजी है। एन0सी0सी0 के छात्रों का सहयोग व स्वच्छता कार्यक्रम में सराहनी योगदान रहा है। 

     इस अवसर पर डॉ0 अरुण चौधरी, डॉ0 जितेन्द्र सिंह, डॉ0 उपासना पांडेय, डॉ0 वंदना पांडेय, डॉ0 इंदु चौधरी, डॉ0 गुलाम शब्बानी, अनीता मौर्या, रेखा मिश्रा, डॉ0 रश्मि श्रीवास्तव, कोमल वर्मा आदि प्राध्यापक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन जे0सी0 श्रीवास्तव ने किया।

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