राजस्व कर्मियों की सांठ-गांठ से तालाब पर भू माफियाओं का कब्जा, पूर्व विधायक व नगर अध्यक्ष ने धरना देकर एसडीएम को सौपा ज्ञापन

रजनीकांत अवस्थी

महराजगंज/रायबरेली: बछरावां कस्बे के महराजगंज रोड पर समाधानेश्वर मंदिर के पास एक तालाब है, जो गलत तरीके से भूमाफियाओं ने राजस्व अधिकारियों के साथ सांठ-गांठ करके अपने नाम करवा लिया है। जिसमें डंफर द्वारा मिट्टी से पाटने का काम किया जा रहा है, इसको लेकर पूर्व विधायक व भाजपा नेता रामलाल अकेला के नेतृत्व में नगर अध्यक्ष शिवेंद्र सिंह उर्फ रामजी समेत सैकड़ो लोगों ने महराजगंज तहसील स्थित एसडीएम कार्यालय का घेराव कर प्रदर्शन किया और तहसील परिसर में घूम-घूम कर तहसील प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाए और मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश को संबोधित चार सूत्रीय ज्ञापन एसडीएम महराजगंज राजित राम गुप्ता को सौंपा।

     आपको बता दें कि, पूर्व विधायक रामलाल अकेला व नगर अध्यक्ष शिवेंद्र सिंह उर्फ रामजी ने एसडीएम महराजगंज राजित राम गुप्ता को दिए गए ज्ञापन में कहा है कि, नगर पंचायत बछरावां की आबादी गाटा संख्या 1185/8.165 हेक्टर के जलमग्न क्षेत्र में राजस्व कर्मचारियों द्वारा गलत तरीके से पैमाइश करके मिट्टी डालकर पटाई की जा रही थी, जिस पर पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में कब्जा किया जा रहा है। उक्त गाटा संख्या पर जब तक पैमाइश कानूनी तरीके से नहीं होती है तब तक अवैध कब्जा रोका जाए। पुलिस प्रशासन का जबरन हस्तक्षेप रोका जाए और राजस्व टीम की गलत पैमाइश और दी गई आख्या को निरस्त किया जाए। इसके अलावा पुलिस प्रशासन व दबंगों को गरीबों के मकानों को उजाड़ने से भी रोका जाए।

    पूर्व विधायक व भाजपा नेता राम लाल अकेला ने कहा कि, उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने भी सरकारी तालाबों की जमीन को संरक्षित करने तथा अवैध कब्जे से कब्जा मुक्त करने का फरमान जारी किया है। इसके बावजूद राजस्व कर्मियों की हिटलर शाही के चलते कोर्ट व सरकार के आदेश व प्रमाण रद्दी के भाव में चल रहे हैं। राजस्व कर्मियों पर इसका कोई असर नहीं पड़ रहा है। बात करें राजस्व कर्मियों की तो वह सब भू माफियाओं से मोटी रकम लेकर अवैध कब्जे को मुक्त नहीं करवाना चाहते हैं। 

     नगर अध्यक्ष शिवेंद्र सिंह उर्फ रामजी ने कहा कि, तहसील प्रशासन की सह पर तालाब की जमीन पर भूमाफियाओं द्वारा कब्जा करके मिट्टी से पाटने का काम किया जा रहा है। उक्त प्रकरण में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित मामले से अवगत कराते हुए एसडीएम महराजगंज को शिकायती पत्र देकर मामले में कार्यवाही करते हुए तालाब की जमीन को अवैध कब्जा मुक्त करने की शिकायत की गई है। वही कानूनों रज्जन कुमार और लेखपाल राजेश कुमार द्वारा भूमाफियाओं से सांठ-गांठ, गलत पैमाइश करके मोटी रकम ऐठते हुए भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहे हैं, तथा दबंग भूं माफियाओं के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है। 

    आंदोलनकारियों ने बताया कि, नगर पंचायत बछरावां की आबादी गाटा संख्या 1185/8.165 हेक्टर के जलमग्न क्षेत्र की फर्जी रिपोर्ट दे रखी है, और जिन गरीबों के प्रधानमंत्री आवास बनाए गए हैं उन्हें नोटिस जारी कर दी गई है, जो सरासर गलत है। गाटा संख्या 1185 जिसका रकवा 32 बीघे का है, जिसमें तालाब है और आबादी भी बसी हुई है। जो नॉन जेड ए है। उक्त गाटा संख्या में मौरावां के रहने वाले खत्री परिवार के एक व्यक्ति ने नितिन शुक्ला के नाम बैनामा किया था। मामले में नितिन शुक्ला द्वारा वर्तमान समय में बंजार पर स्थित तालाब में मिट्टी डलवाकर पाटने का काम किया जा रहा है, जबकि उनकी बैनामे की जमीन यहां पर है ही नही। आंदोलनकारियों ने बताया कि, डंपर द्वारा मिट्टी से तालाब की पटाई रात के अंधेरे में की गई है, इस दौरान पुलिस भी मौजूद थी। आंदोलनकारियों ने आरोप लगाते हुए मामले में निवर्तमान थाना अध्यक्ष बृजेंद्र शर्मा की लिप्तता बताई है।

     आंदोलनकारियों ने यह भी बताया कि, समाधानेश्वर मंदिर के पास स्थित तालाब को राजस्व के अधिकारियों व कर्मचारियों के द्वारा पहले की गई माप में ग्राम सभा का बताया जा रहा था, अब जब दोबारा नाप की गई है तो इस तालाब को नगर पंचायत का बताया जा रहा है। बार-बार दो तरह की बातें करना राजस्व कर्मियों की कार्यशैली को संदिग्धता के दायरे में होना प्रतीत माना जा रहा है।

      इस मौके पर विद्यासागर अवस्थी एडवोकेट, शैलेंद्र सिंह एडवोकेट, रणविजय सिंह एडवोकेट, सभासद सतीश तिवारी, कुंवरवीरभान सिंह, ज्ञान सिंह, बाबी, नदीम, बालकृष्ण, धर्मेंद्र, शंभू दयाल, सोनूसोनकर, भोलू सिंह क्षेत्र पंचायत सदस्य प्रतिनिधि समेत क्षेत्र की तमाम जनता ने एसडीएम कार्यालय के सामने धरना दिया।

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