रजनीकांत अवस्थी
बछरावां/रायबरेली: शेखपुर समोधा गांव की रहने वाली कलावती मिश्रा एक हफ्ते पूर्व गांव के ही कुछ लोगों के साथ बाबा धाम की यात्रा पर गई थी। वहां से लौटते समय काशी रेलवे स्टेशन पर वह जनरल बोगी पर स्वरहुई सवार हुई। इस बोगी में बैठे एक 40 वर्षीय व्यक्ति को लोग दुत्कार कर भगा रहे थे, कलावती को दया आ गई। लोगों से इसका विरोध किया। तो उनके साथ मौजूद अन्य लोग भी कलावती के साथ आ गए। फिर उस व्यक्ति को अपने साथ बैठा लिया। वह उसे लेकर बीते सोमवार को अपने गांव आ गई। दो दिन बीते तो उस व्यक्ति ने अपने गांव डिहुली का जिक्र किया और बताया कि, उसका गांव मध्य प्रदेश में है। फिर कलावती ने गांव के लोगों से इसका जिक्र किया। रामपुर गांव के रहने वाले अंशुमान दीक्षित ने गूगल मैप पर गांव को ढूंढा। जहां से उन्हें पता चला कि, गांव मध्य प्रदेश के सीधी जिले की तहसील चुरहट के थाना कमरजी में पड़ता है।
गूगल से ही उन्हें उसे गांव के एक शिक्षक राजेंद्र पटेल का मोबाइल नंबर मिला। जब संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि, हां एक शादीशुदा युवक आठ साल पहले गायब हो गया था। जो नहीं मिला है। तो उन्होंने सरपंच प्रतिनिधि पंकज कुमार का नंबर दिया। सरपंच प्रतिनिधि ने वीडियो कॉल पर गायब व्यक्ति के परिजनों से बात कराई तब परिजनों ने उस व्यक्ति को पहचान लिया।
शुक्रवार को डिहुली गांव मध्य प्रदेश के रहने वाले पंकज कुमार, अतीत पटेल, राहुल साहू, सचिन पटेल, अनिल पटेल व गायब युवक का पन्द्रह वर्षीय बेटा अनीश पटेल उन्हें लेने समोधा गांव पहुंचा। जहाँ से वह उसे अपने साथ ले गए हैं। उन्होंने कलावती को धन्यवाद भी ज्ञापित किया। कलावती के इस काम से क्षेत्र में उनकी जमकर प्रशंसा हो रही है।
मध्य प्रदेश से आए सरपंच प्रतिनिधि पंकज कुमार ने बताया कि, विनोद कुमार पुत्र रामभजन लगभग आठ वर्ष पूर्व लापता हो गए थे। उनकी मानसिक स्थिति कुछ ठीक नहीं थी। काफी खोज बीन के बाद भी उनका कुछ पता नही चला। बिनोद के मिलने की उम्मीद सभी लोग खो चुके थे। उनके मिलने की जानकारी से परिजनों में हर्ष का माहौल है।



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