रजनीकांत अवस्थी
रायबरेली: 18 दिसम्बर 2024 को लखनऊ में विधानसभा घेराव के दौरान पुलिसियों के बर्बरता की वजह से युवा प्रभात पाण्डेय ने दम तोड़ दिया था, जिसकी निष्पक्ष व पारदर्शी जांच कराए जाने के सम्बन्ध में जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा एक ज्ञापन महामहिम राज्यपाल को सम्बोधित जिलाधिकारी को सौंपा गया।
आपको बता दें कि, इस मौके पर कांग्रेस कार्यवाहक जिलाध्यक्ष पंकज तिवारी ने कहा कि, संविधान में प्रदत्त अधिकारों के तहत आम-जन अपनी समस्याओं को भाजपा सरकार के समक्ष रखकर ‘‘सो रही सरकार’’ को जगाना चाहता था, किन्तु उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश की ध्वस्त कानून व्यवस्था, बेरोजगारी, मंहगाई, बढ़ते अपराध, किसानों की समस्या आदि को सुनने के बजाय पुलिस के माध्यम से नुकीले कांटों वाली बैरीकेटिंग लगवा दी थी। चूँकि युवा प्रभात पाण्डेय की मृत्यु पुलिसिया बर्बरता की वजह से हुई है और वास्तविक तथ्यों को छिपाने के आशय से पुलिस सच को सामने लाने के बजाय जानबूझकर प्रश्नगत मामले को उलझा रही है।
उक्त जानकारी देते हुए काग्रेस जिला कार्यवाहक प्रवक्ता महताब आलम ने बताया कि, हम सब कांग्रेस जन महामहिम राज्यपाल से निष्पक्ष जांच की मांग करते है व प्रश्नगत प्रकरण की न्यायिक जांच हो और मृतक युवा प्रभात पाण्डेय के परिवार को रुपया 50 लाख की क्षतिपूर्ति दी जाए।
इस अवसर पर प्रमुख रूप से निर्मल शुक्ला, वीरेन्द्र यादव, राहुल बाजपेई, सूर्यकुमार बाजपेई, सुनील कुमार, साक्षर पटेल उपस्थित रहें।
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