रजनीकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: उत्तर प्रदेश के रायबरेली में महराजगंज तहसील में स्वामित्व योजना के तहत आज शनिवार को घरौनियों का वितरण किया गया। इस दौरान प्रधानमंत्री के उद्बोधन का भी सजीव प्रसारण दिखाया गया। उप जिलाधिकारी सचिन यादव ने कहा कि, घरौनी के द्वारा अब गांव वालों को उनकी जमीनों पर मालिकाना हक मिल सकेगा। इससे लोगों के बीच पैदा भूमि विवाद भी खत्म हो जाएंगे। घरौनी मिलने पर ग्रामीण अपनी जमीनों पर ऋण आदि भी ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि, स्वामित्व योजना के अंतर्गत गांव की आबादी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को दी जाने वाली घरौनी में उसकी आवासीय संपत्ति का पूरा ब्योरा दर्ज होगा।
आपको बता दें कि, उप जिलाधिकारी महराजगंज सचिन यादव ने आज शनिवार को 09 गांव के 82 लोगों को घरौनी का वितरण किया गया। इस दौरान प्रधानमंत्री ने अपने सजीव प्रसारण के उद्बोधन में घरौनी प्रमाण पत्र की उपयोगिता के क्रम में कहा कि, विभिन्न देशों में इस विषय पर स्टडी की गई जिसके नतीजे में निकला कि, गरीबी दूर करने के लिए प्रॉपर्टी आवश्यक है, ये प्रॉपर्टी मूल संपत्ति होगी, इस लिए हमने तय किया कि, ड्रोन के माध्यम से सर्वे कराए तथा जो आबादी वाले क्षेत्र में घर बनाए हैं उन्हें उनका हक दिलाए जाय, ताकि आर्थिक वृद्धि का रास्ता खोला जा सके। इस अवसर पर प्रधान मंत्री द्वारा विभिन्न प्रदेशों के घरौनी प्रमाण पत्र प्राप्त करने वाले लाभार्थियों से संवाद कर अनुभव को साझा किया गया तथा घरौनी प्रमाण पत्र से क्या क्या लाभ लिए की जानकारी ली गई।
मुख्यमंत्री उ0प्र0 योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर अपने संबोधन में कहा कि, सबसे अधिक घरौनी प्रमाण पत्र निर्गत करने वाला उत्तर प्रदेश राज्य है, जहां एक करोड़ से अधिक लोगों को उनका मालिकाना हक देने का कार्य किया गया है। उन्होंने कहा कि, घरौनी प्रमाण पत्र नहीं रहने से तमाम तरह के विवाद हुआ करते थे, कभी थाना, कभी तहसील, कभी कोर्ट का चक्कर लगाने पड़ते थे, परंतु अब ये समस्या समाप्त हो जाएगी। उन्होंने कहा कि, अब घरौनी प्रमाण पत्र से आसानी से लोन ले कर अपने कारोबार, को बढ़ाया जा सकता है, उन्होंने कहा कि, ये कार्ड सभी के जीवन में नया परिवर्तन लाएगा। जहां का सर्वे अभी पूरा नहीं हुआ है, उसे भी शीघ्र पूर्ण करने का कार्य किया जा रहा है।
कार्यक्रम में मौजूद भाजपा जिला उपाध्यक्ष जन्मेजय सिंह कहा कि, प्रॉपर्टी कार्ड से गांव देहात के जीवन को नई दिशा देने का कार्य करेगा, इससे लोगों के आर्थिक विकास में तमाम तरह की योजनाओं का लाभ मिलेगा। प्रॉपर्टी कार्ड नहीं रहने पर विभिन्न प्रकार की समस्याओं से जूझना पड़ता था, जिसे बचा लिया गया।
उप जिलाधिकारी महराजगंज सचिन यादव ने बताया कि, स्वामित्व योजना को पंचायती राज मंत्रालय, राजस्व विभाग, पंचायती राज विभाग और भारतीय सर्वेक्षण विभाग (एसओआई) के संयुक्त प्रयासों से लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि, स्वामित्व योजना से जहां एक तरफ ग्रामीणजनों के भूमि विवाद संबंधी विवादों का समाधान होगा, वहीं दूसरी तरफ ग्राम पंचायत की भूमि का स्पष्ट मानचित्र प्राप्त होगा, जिससे गांवों की आधारभूत संरचना के विकास के लिए विभिन्न योजनाओं को बनाना आसान होगा।इससे लाभार्थीगण विभिन्न योजनाओं का लाभ, ऋण आदि प्राप्त कर सकेंगे।
तहसीलदार मंजुला मिश्रा ने बताया कि, घरौनी प्रमाण पत्र प्राप्त करने वालों में प्रमुख रूप से 9 गांवो के 82 लोगों में कन्हैयालाल पुत्र राम लौटन, महादेव पुत्र मंगली प्रसाद, शिवपाल, विन्दादेई बलाई मऊ, धिराजा बलाई मऊ, सुखई नहरिया, वीरेंद्र कुमार ओथी, जगदम्बा सिंह पाली, विश्राम पाली, बनवारी भटसरा, अब्दुल बारी भटसरा सहित 82 लोग समिल है।
इसके अलावा ठंड के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए लगभग 40 विकलांगों को उप जिलाधिकारी सचिन यादव व तहसीलदार मंजुला मिश्रा ने कंबल वितरण कर ठंड से राहत दिलाने का काम किया। मातहत अधिकारियों से कंबल पाकर विकलांगों के चेहरे खिल उठे।
इस मौके पर मंडल अध्यक्ष अमित श्रीवास्तव, जिला उपाध्यक्ष जन्मेजय सिंह, राजस्व निरीक्षक उमेश दीक्षित, राजस्व निरीक्षक आबिद अली, राजेश कुशवाहा, संतोष पटेल, विवेक सिंह, लेखपाल संघ अध्यक्ष दर्शिता श्रीवास्तव, ओम प्रकाश सोनी, राजीव मिश्रा, अमित शुक्ला, रणविजय सिंह, विपिन मौर्य आदि मौजूद रहे।








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