एडवोकेट्स एक्ट में 'बदलाव' के खिलाफ खड़े हुए वकील, आज से कार्य बहिष्कार का ऐलान, वकीलों के प्रर्दशन से जाम में फंसी रही एंबूलेंस

रजनीकांत अवस्थी

महराजगंज/रायबरेली: कानून मंत्रालय की ओर से एडवोकेट्स एक्ट में प्रस्तावित संशोधन के खिलाफ महराजगंज के वकीलों ने मोर्चा खोल दिया है। आज मंगलवार को एडवोकेट्स एक्ट में प्रस्तावित संशोधन के खिलाफ यहां महराजगंज में महराजगंज बार एसोसिएशन महराजगंज और तहसीलदार बार एसोसिएशन महराजगंज के वकीलों ने काली पट्‌टी बांधकर कार्य बहिष्कार का ऐलान कर दिया है। यह आह्वान यूपी की बार काउंसिल ने दिया है। आज 25 फरवरी मंगलवार को अधिवक्ता एक्ट में बदलाव के खिलाफ वकीलों ने महराजगंज कस्बे के मुख्य मार्गों पर घूम-घूम कर कानून मंत्री और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए कानून मंत्री मुर्दाबाद के गगन भेदी नारे लगाए। मुख्य तिराहे पर कानून मंत्री के खिलाफ प्रदर्शन से घंटों सड़के जाम रही और यातायात प्रभावित रहा। यहां तक की एंबुलेंस भी काफी देर तक जाम में फंसी रही। महराजगंज के अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य से विरत रहने का भी ऐलान कर दिया है। 

     आपको बता दें कि, इससे पहले बार काउंसिल ऑफ यूपी ने राज्य भर की सभी बार एसोसिएशन्स को एक पत्र लिखा था। जिसमें कहा गया था कि, वकील प्रस्तावित संशोधन के विरोध में अपनी बाजुओं पर काली पट्टी बांधेंगे। साथ ही, 25 फरवरी यानी आज मंगलवार से वे पूरे राज्य में न्यायिक कार्य का बहिष्कार करेंगे। जिसके तहत आज महराजगंज बार एसोसिएशन महराजगंज और तहसीलदार संगठन महराजगंज के अधिवक्ताओं ने संगठित होकर एक स्वर में कानून मंत्री मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए कार्य बहिष्कार का ऐलान कर दिया है।

     अधिवक्ता संघ के पूर्व अध्यक्ष सुरेंद्र श्रीवास्तव के मुताबिक प्रस्तावित संशोधन से बार काउंसिल की स्वायत्तता कमजोर होगी। क्योंकि संशोधन के बाद केंद्र सरकार एडवोकेट्स एक्ट में धारा 49 (b) डालकर बार काउंसिल को अनिवार्य रूप से निर्देश जारी कर सकेगी। इसके अलावा, भविष्य में काउंसिल के सदस्य किसी समिति के प्रमुख नहीं रहेंगे। प्रस्तावित संशोधन के बाद उनकी जगह एक जज समिति का नेतृत्व करेंगे। उन्होंने कहा कि, "यह बार काउंसिल की स्वायत्तता पर सीधा हमला है, जिसे किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

       महराजगंज बार एसोसिएशन महराजगंज के पूर्व अध्यक्ष विद्यासागर अवस्थी ने कहा कि, काउंसिल द्वारा वकीलों और उनके परिवारों की सुरक्षा के लिए एडवोकेट्स प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने का संकल्प लिया है। साथ ही, काउंसिल के लोकतांत्रिक ढांचे को बनाए रखने के लिए, मौजूदा समितियों में काउंसिल के सदस्यों की जगह किसी अन्य व्यक्ति को नहीं रखा जाए। मतलब साफ़ है, जजों की जगह वकीलों को ही रखा जायेगा।

      उन्होंने कहा कि, बार काउंसिल ने वकीलों के लिए 10 लाख रुपये का मेडिक्लेम देने की मांग के साथ ही, राज्य में किसी वकील की मृत्यु पर 10 लाख रुपये का बीमा क्लेम देने की भी मांग की गई है। बार काउंसलिंग की मांगों के समर्थन में और कानून मंत्री द्वारा संबोधित काले कानून के विरोध में वह महराजगंज बार एसोसिएशन महराजगंज और तहसील बार एसोसिएशन महराजगंज के सभी अधिवक्ता एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। जब तक बार काउंसलिंग की मांगों को माना नहीं जाएगा, तब तक अधिवक्ताओं की कलम बंद हड़ताल जारी रहेगी।

     इस मौके पर देवी प्रसाद अध्यक्ष, महामंत्री अशोक यादव, अध्यक्ष छोटेलाल, नागेंद्र सिंह, पंकज श्रीवास्तव, शिवसागर अवस्थी, प्रदीप श्रीवास्तव, भूपेश मिश्रा, ज्योति प्रकाश अवस्थी, मोनू अवस्थी, सर्वेश अवस्थी, अंकुर अवस्थी, सत्य प्रकाश मिश्रा, इम्तियाज अली, अखिलेश श्रीवास्तव, अमित श्रीवास्तव, विजय कनौजिया, मनीष तिवारी, बलवंत शुक्ला, रणविजय सिंह, शैलेंद्र सिंह, सुमित चौरसिया, अतुल पांडेय, फिरोज अहमद समेत दोनों संगठनों के अधिवक्ताओं ने एडवोकेट्स एक्ट में 'बदलाव' के खिलाफ महराजगंज नगर की सड़कों पर घूम-घूम कर कानून मंत्री और सरकार के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया।






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