जयपुर कत्थक समारोह का हुआ शुभारंभ

रजनीकांत अवस्थी
जयपुर: राजधानी के जवाहर कला केंद्र के रंगायन सभागार में जयपुर कथक केंद्र द्वारा आयोजित जयपुर कथक समारोह 2020 का शुभारंभ हुआ।
     आपको बता दें कि, समारोह का शुभारंभ कला, साहित्य एवं संस्कृति मंत्री डॉ0 बीडी कल्ला ने दीप प्रज्वलन कर किया। कल्ला ने कहा कि, कत्थक भक्ति से ओतप्रोत ऐसी नृत्य कला है जिसके माध्यम से भगवान को प्रसन्न किया जा सकता है। यह भगवान कृष्ण और भगवान शंकर से जुड़ी अनूठी विधा है।
     जयपुर घराने ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के विद्यार्थी तैयार करते हुए अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। यह घराना थली के नाम से प्रसिद्ध तालछापर एरिया से निकलकर जयपुर में शिफ्ट हुआ। इसके बाद यह जयपुर घराना कहलाया।
      इस घराने में फुटवर्क अधिक मात्रा में है। 
लखनऊ घराने में नजाकत और नफासत का पुट अधिक है। बनारस और मध्यप्रदेश में भी कत्थक होता है मगर इन सबके बीच जयपुर घराने के नृत्य गुरुओं के निर्देशन में तैयार विद्यार्थियों ने निरंतर देश और विदेश में अपनी प्रतिभा और हुनर की अमिट छाप छोड़ी है। जयपुर कथक केंद्र कई वर्षों से राजस्थान में कत्थक को सिखाने और इसे सरंक्षण देने में अपनी विशिष्ट भूमिका निभा रहा है।
    कार्यक्रम में जवाहर कला केंद्र की महानिदेशक किरण सोनी गुप्ता, कला एवं संस्कृति विभाग की प्रमुख शासन सचिव और जयपुर कथक केंद्र की अध्यक्ष श्रेया गुहा, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के आयुक्त नीरज के पवन भी मौजूद रहे।
      समारोह के उद्घाटन सत्र में जयपुर कथक केंद्र की ओर से डॉ रेखा ठाकुर के निर्देशन तथा दिल्ली से आई आदिती मंगलदास के निर्देशन में संरचना की प्रस्तुति दी गई।

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