आसान काम नहीं नफरतों के ग्लोबल वार्मिंग के दौर में सद्भाव की खुशबू बिखेरना

सद्भाव का एक और लगा शतक
आसान काम नहीं नफरतों के ग्लोबल वार्मिंग के दौर में सद्भाव की खुशबू बिखेरना---
मिर्जापुर। जिले में डीएम श्री सुशील कुमार पटेल के यद्यपि 111 दिनों की तैनाती की भागीदारी है लेकिन उनके बल्ले से सामुदायिक सद्भाव के पिच पर दोहरा शतक लग गया । यह दोहरा शतक भी इमामबाड़ा छोर की ओर से ही लगा ।
  दर-असल डीएम श्री पटेल 2 नवम्बर को जब यहां आए तो एक सप्ताह बाद ही वारावफात के जुलूस को शांतिपूर्ण तरीके से सम्पन्न कराने का चुनौतीपूर्ण दायित्व उनके कंधे पर आया । पिछले साल वर्ष '18 में प्रशासनिक खींचातानी में वारावफात जुलूस में उपद्रव हो गया था । डीएम ने इसे चुनौतीपूर्ण लेते हुए फील्ड सजाया और एसपी डॉ धर्मवीर सिंह के साथ योजना बनाई जो सफल रही ।
शिवरात्रि के दिन मुस्लिम समाज ने फिर रचा इतिहास--
इसी महीने इमामबाड़ा छोर पर कब्रिस्तान की दीवार स्वतः तुड़वाकर मुस्लिम इंतेजामिया कमेटी लोगों की आंखों का तारा बनी हुई था कि महाशिवरात्रि के जुमे के दिन इंतेजामिया कमेटी ने फिर दरियादिली दिखाई और घनघोर मुस्लिम इलाके से गुजर रहे देवाधिदेव महादेव के जुलूस का खैरमकदम गजरा और सद्भाव के पुष्पों से किया जो एक अनूठी पहल वर्ष '20 में हुई ।  वर्ष '20 इतिहास के पन्नों में हमेशा बीस ही रहेगा ।
नागरिक अभिनन्दन की जिम्मेदारी प्रबुद्ध लोगों की---
सद्भाव के मैच में शतक-दर-शतक के लिए नेतृत्वकर्ता डीएम श्री पटेल और पुलिस कप्तान डॉ सिंह के अलावा तीसरे नंबर से 6ठें नम्बर के सद्भाव क्रिकेटर ADM श्री यूपी सिंह, SP(सिटी) श्री प्रकाश स्वरूप पांडेय, CM श्री जगदंबा सिंह, CO (सिटी) श्री सुधीर कुमार तो आते ही है साथ में विकेटकीपर के रूप में कटरा प्रभारी श्री रमेश यादव और बाउंड्री क्षेत्ररक्षण कर रहे लालडिग्गी चौकी प्रभारी श्री शाहिद खां के साथ 2 अन्य लोगों में इंतेजामिया कमेटी के अध्यक्ष, सचिव स्वतः आते है । ग्यारहवें खिलाड़ी नाट आउट क्रिकेटर में उसके लिए छोड़ देना चाहिए जो वर्ष '20 को यादगार बनाने के लिए इसे पुस्तकाकार दे सके क्योंकि आने वाली पीढ़ी उसे पढ़कर ही तदनुसार जीवन जी सकेगी ।
आसान नहीं होता इस तरह का काम--
नफरतों के ग्लोबल वार्मिंग के दौर में जब प्रेम-सद्भाव के पौधे मुरझा रहे हो तब इस तरह की खुशबूदार हवा बिखेरना आसान काम नहीं है । मुंह से बोल देने और उसे अंजाम में लाने में ज़मीन-आसमां का गैप होता है ।
                     -सलिल पांडेय, मिर्जापुर ।

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