अफवाहों पर ध्यान ना दें प्रशासन अपने नागरिकों की स्वास्थ्य सुरक्षा के प्रति चिंतित-डॉक्टर राधाकृष्णन।। Raebareli news ।।

रजनीकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: महामारी का रूप ले रहे कोरेना वायरस का प्रकोप अब लोगों पर भारी पड़ता दिखाई दे रहा है। जबकि घर से बाहर दूसरे प्रांतों में रह रहे लोग वहां का माहौल देखकर वापस अपने वतन को लौट रहे हैं, ताकि इस बीमारी से बच सकें। लेकिन यहां आने पर भी उनकी दुश्वारियां कम होने का नाम नहीं ले रही है। घर वापस लौटे लोगों को उनके गांव वाले और पड़ोसी ही मुसीबत लाने वाला मानकर प्रशासनिक महकमे को खबर दे दे कर उनकी स्वास्थ्य जांच करा रहे हैं। प्रशासन से विशेषकर स्वास्थ्य विभाग की टीमें दिन रात वापस घर लौटे लोगों के स्वास्थ्य परीक्षण में जुटी हुई है। 
      आपको बता दें कि, इसी क्रम में आज सीएचसी महराजगंज की ओर से आधा दर्जन गांवो में 44 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। खुशखबरी यह रही कि, इनमें से एक भी व्यक्ति में संक्रमण के लक्षण नहीं दिखाई दिए। सभी को ब्लीचिंग पाउडर अन्य आवश्यक दवाइयां देकर 14 दिन तक आइसोलेट रहने की डॉक्टरों ने सलाह दी।
    फिलहाल बाहर से आने वाले हर व्यक्ति को उसके पड़ोसी और गांव के लोग शक की निगाह से देख रहे हैं। सीएससी अधीक्षक डॉक्टर राधाकृष्णन ने बताया की आज मंगलवार को सुबह-सुबह दिल्ली में काम कर रहे 10 लोगों के वापस आने की सूचना जैसे ही मिली वे अपने साथ डॉ भावेश यादव, डॉ अमित कुमार, फार्मेसिस्ट हरीश कुमार को साथ लेकर गांव पहुंचे और एक-एक करके दसों लोगों के स्वास्थ्य का परीक्षण किया। जब वह लोग संतुष्ट हो गए कि, किसी भी मरीज को कोई संक्रमण के लक्षण नहीं है तो उन्होंने सबको हर घंटे हाथ धोने साफ सफाई रखने घर के आस-पास ब्लीचिंग डालकर घर को साफ सुथरा रखने के निर्देश देते हुए यह भी कहा कि, 14 दिन तक वे लोग अपने-अपने घरों में रहे और किसी से हाथ वगैरह ना मिलायें।
    तत्पश्चात स्वास्थ्य टीम जैसे ही महराजगंज सीएचसी पहुंची वैसे ही हसनपुर गांव से खबर आ गई कि, 19 लोग मुंबई और दिल्ली से आए हैं। उनमें एक की हालत नाजुक है। तत्काल यह टीम हसनपुर पहुंच गई और सब का स्वास्थ्य परीक्षण किया। डॉ भावेश यादव ने बताया कि, किसी भी लौटे मुसाफिर को किसी प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी समस्या नहीं है। फिर भी उन्होंने सभी लोगों को एकांत में रहने की सलाह दी है।
    इसी प्रकार महराजगंज कस्बे के गांधीनगर में 10 लोग, पैगंबर नगर में एक व्यक्ति, घरौना गांव में दो लोग, वापस लौटे। सूचना मिलते ही सभी के घर जाकर स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने स्वास्थ्य परीक्षण किया। 
     इसके अलावा अधीक्षक ने यह भी बताया कि, बीती रात हरदोई गांव के एक व्यक्ति के बारे में फर्जी अफवाह उड़ाई गई कि, वह कोरोना पॉजिटिव है, और उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह बात कोरीअफवाह निकली। क्योंकि मरीज को उन्होंने जो जिला अस्पताल से वापस आ गया था जांच कराई तो उसके अंदर भी किसी असामान्य रोग के लक्षण नहीं मिले।
      अधीक्षक डॉक्टर राधाकृष्णन ने क्षेत्र के लोगों को सलाह दी है कि, बाहर से आने वाले या गंभीर रूप से संक्रमित किसी व्यक्ति के बारे में पता चले तो, वह प्रशासन को सूचित अवश्य करें। किंतु अफवाहों पर विश्वास ना करें। स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन अपने नागरिकों की स्वास्थ्य रक्षा को लेकर सचेत है।

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