रायबरेली से बड़ी खबर: परिवहन विभाग की अहम फाइलें जलकर राख।। Raebareli news ।।

एआरएम कार्यालय के गोपनीय कक्ष से अहम दस्तावेज भी हुए चोरी
डिपो में हुए घोटाले की हो रही थी जांच
आशंका: सबूत मिटाने के लिए ही फाइलों को जलाया गया है।
रजनीकांत अवस्थी
रायबरेली: एआरएम कार्यालय स्थिति गोपनीय कच्छ में रखी महत्वपूर्ण फाइलें सोमवार को जली मिली। इसके अलावा कंप्यूटर की हार्ड डिस्क भी गायब मिली।
    आपको बता दें कि, कार्यालय सहायक प्रमोद कुमार ने बताया कि, शहर कोतवाली क्षेत्र के दीवानी न्यायालय के पास स्थित एआरएम कार्यालय के पीछे से दरवाजे की कुंडी तोड़कर अज्ञात लोग गोपनीय कक्ष में दाखिल हुए। कार्यालय सहायक ने बताया कि, गोपनीय विभाग में कर्मचारियों से संबंधित जरूरी दस्तावेज आलमारी में रखे थे, जिसमें सर्विस बुके, टिकट काउंटिंग का लेखा-जोखा, एआरएम स्तर की फाइलें, डब्ल्यूटी (विदाउट टिकट) ब्योरा, एक्सीडेंटल गाड़ियों से संबंधित लेखा-जोखा की फाइलें थी।
     उन्होंने बताया कि, कुछ सर्विसबुक और महत्वपूर्ण दस्तावेज अलमारी से गायब है। इतना ही नहीं यह लोग कार्यालय की दृष्टि से महत्वपूर्ण कंप्यूटर की हार्डडिस्क को भी उठा ले गए हैं। बताया जा रहा है कि, मौके से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज भी गायब है। इसकी जानकारी तब हुई जब सुबह कार्यालय पहुंचे कर्मचारियों ने खुले दरवाजे और अंदर सुलगती फाइलों को देखा।
फिंगरप्रिंट्स के नमूने लिए गए
फॉरेंसिक टीम के साथ मौके पर पुलिस पहुंची। विभागीय उच्चाधिकारियों को बुलाया गया। फिंगरप्रिंट्स के नमूने लेने के साथ ही पुलिस ने कर्मचारियों से पूछताछ की। हालांकि शुरुआती जांच में पुलिस को खास जानकारी नहीं मिली। प्रमोद कुमार की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
      कोतवाली प्रभारी ने बताया कि, प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध है। पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है। कार्यालय में सीसीटीवी भी नहीं लगे हुए हैं। वहीं एआरएम अक्षय कुमार ने बताया कि, वह अवकाश पर है। घटना की जानकारी उन्हें मिली है। पुलिस और विभागीय जांच में पूरी तरह से सहयोग किया जाएगा।
डिपो में हुए घोटाले की हो रही थी जांच
एआरएम कार्यालय के जिस कंप्यूटर की हार्डडिस्क गायब हुई है, उसमें ऐसे डेटा थे जो जांच के लिहाज से बहुत महत्वपूर्ण है। इसके अलावा जो फाइलें जलाई गई है। वह भी कर्मचारियों से संबंधित है। यह मामला इसलिए ज्यादा महत्वपूर्ण है क्योंकि, रायबरेली डिपो की जांच निदेशालय अस्तर पर चल रही है। जिसमें एमएसटी घोटाला, रोडवेज का कबाड़ बेचने में अनियमितता जैसी जांचे शामिल है। इन जांचों में विभागीय अधिकारी और कर्मचारी सवालों के घेरे में है। पुलिस की जांच में इन सभी बिंदुओं को शामिल किया गया है। विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों के इस घटना में संलिप्तता से पुलिस इनकार नहीं कर रही है। इन स्थितियों को देखते हुए यह माना जा रहा है कि, सबूत मिटाने के लिए ही फाइलों को जलाया गया है।

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